प्राइमरी टीचर बनने के लिए क्या करें How to become primary teacher

प्राइमरी टीचर बनने के लिए क्या करें How to become primary teacher

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है आज के हमारे  इसलेख प्राइमरी टीचर बनने के लिए क्या करें (How to become primary teacher) में। दोस्तों आज हम इस लेख

के माध्यम से आपको बताने जा रहे हैं, कि प्राइमरी टीचर क्या होता है प्राइमरी टीचर कैसे बनते हैं और प्राइमरी टीचर की कितनी सैलरी होती है तो आइए दोस्तों पढ़ते हैं आज पहले प्राइमरी टीचर कैसे बने:-

प्राइमरी टीचर बनने के लिए क्या करें

प्राइमरी टीचर क्या होता है what is primary teacher

प्राइमरी टीचर (Primary teacher) को हिंदी में प्राथमिक शिक्षक कहा जाता है और प्राथमिक शिक्षक वह होता है, जो कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के छात्र और छात्राओं को पढ़ाता है।

इसीलिए देश के विभिन्न प्राइमरी विद्यालयों (Primary school) में प्राइमरी टीचर की भर्ती की जाती है। प्राइमरी टीचर को इस प्रकार से प्रशिक्षण प्राप्त होता है, कि वे बालक के स्वभाव उनकी योग्यताओं तथा विषयों के अनुरूप शिक्षण कार्य (Teaching) करा सकें,

जिससे उनका शिक्षण कार्य प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण हो सके, क्योंकि कहा जाता है कि अध्यापक ही देश के भविष्य निर्माता हैं, जो प्रत्येक छात्र और छात्राओं के भविष्य को उज्जवल करने का कार्य करते हैं तथा छात्र तथा छात्राएँ ही देश का भविष्य है।

इसलिए शिक्षण कार्य में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सबसे अधिक भूमिका होती है, प्राइमरी टीचर अर्थात प्राथमिक शिक्षक की। क्योंकि प्राथमिक शिक्षक उन बालकों को पढ़ाने का कार्य करते हैं, जो एक कोरे कागज, वृक्ष की नरम शाखा की तरह होते हैं।

अर्थात विद्यार्थी का बेस उनका प्राथमिक स्तर ही होता है। जिस विद्यार्थी का बेस प्राथमिक स्तर जितना मजबूत होगा वह उच्च कक्षाओं में उससे भी बेहतर करेगा। जिस प्रकार के संस्कार, शिक्षा प्राइमरी शिक्षक के द्वारा बालकों को दी जाती हैं

बालक उनको आत्मसात करते है। प्राइमरी स्तर पर छोटे-छोटे छात्र तथा छात्राओं को पढ़ाया जाता है और उनको प्यार, अपनापन ममता की आवश्यकता होती है इस कारण प्राथमिक स्तर पर महिला शिक्षकों को विशेष महत्व दिया जाता है। 


प्राइमरी टीचर बनने के लिए क्या करें How to become primary teacher 

प्राइमरी स्कूल टीचर बनना एक बहुत ही बड़े सौभाग्य की बात होती है। क्योंकि प्राइमरी स्कूल टीचर ही छात्र और छात्राओं की नींव होती है, अर्थात प्राइमरी टीचर छोटी-छोटी छात्र और छात्राओं को जिस प्रकार से शिक्षा, संस्कार प्रदान करेंगे वह उन छोटे छात्र-छात्राओं की नींव होगी और उन्हें आगे उच्च कक्षाओं (Higher education) में बहुत ही मदद करेगी।

इसलिए प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए कई योग्यताओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं (Competition) को पास करना होता है। प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए आपको कम से कम किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास होना चाहिए, इसके पश्चात आपको टीचर की ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। 


प्राइमरी टीचर कोर्स Primary teacher course

प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए डीएलएड डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (Diploma in Elementary Education) शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स कर सकते हैं, जो मात्र 2 वर्ष का होता है। इसके लिए योग्यता 12वीं पास है। इसके साथ ही प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए बी.एड (B.ed) को भी मान्य किया गया है।

इस का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ एजुकेशन (Bachelor of Education) होता है, इसके लिए आपके पास न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएशन (Graduate) होना चाहिए। कई राज्यों में डीएलएड तथा बी.एड में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance examinations) देनी होती है, किन्तु कुछ राज्यों में डाइरेक्ट अड्मिशन की सुविधा मिल जाती है।


प्राइमरी टीचर का प्रशिक्षण Primary teacher training

प्राइमरी टीचर में शालीन, स्नेही तथा मृदु भाषी के गुण होना चाहिए, इसके लिए उन्हें अपने कोर्स के दौरान कई शिक्षण कौशल (Teaching Skill) सीखने पड़ते है। डीएलएड तथा बीएड दोनों दो- दो वर्ष के कोर्स होते है, जिनमें प्रत्येक वर्ष दो सेमेस्टर तथा दो वर्ष में चार सेमेस्टर पूरे करने होते है।

कहीं - कहीं बीएड ईयर वाइज भी होती है, जिसमें प्रशिक्षण के दौरान बाल विकास का गहराई से अध्ययन करना होता है, जिसमें बालक की विभिन्न अवस्थाएँ तथा विभिन्न अवस्थाओं पर बालक द्वारा किया जाने वाला व्यवहार बालक की रूचियाँ के साथ भारतीय शिक्षा का इतिहास आदि का अध्ययन करना होता है। 


शिक्षक पात्रता परीक्षा Teacher eligibility test

दो वर्ष शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स डीएलएड (D.Ed) तथा बीएड (B.Ed) करने के पश्चात आपको राज्य स्तर पर आयोजित टेट (TET) तथा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सीटेट (CTET) शिक्षक पात्रता परीक्षा को पास करना होता है। जिसको पास करने के लिए अनुसूचित जाति (SC) अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र-छात्राओं को कम से कम 55% मार्क ओबीसी (OBC) और सामान्य जाति (Gen.) के छात्र-छात्राओं के लिए 60% मार्क 150 के पूर्णनांक में से आवश्यक होता है।


टेट तथा सीटेट शिक्षक पात्रता परीक्षा (Tet) and (Ctet) Teacher Eligibility Test

टेट शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है, जिसमें

  1. बाल विकास, मनोविज्ञान तथा पेडागोजी के 30 प्रश्न
  2. हिंदी व्याकरण तथा पेडागोजी के 30 प्रश्न
  3. पर्यावरण अध्ययन तथा पेडागोजी के 30 प्रश्न
  4. सामान्य गणित का पेडागोगी के 30 प्रश्न 
  5. सामान अंग्रेजी के 30 प्रश्न पूछे जाते हैं,

जिनमें से भारत के कुछ राज्य ऐसे है, जिनमें टेट शिक्षक पात्रता परीक्षा के आधार पर ही शिक्षकों की भर्ती की जाती है। किन्तु कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जिनमें शिक्षक पात्रता परीक्षा टेट के पश्चात भी एक और टेट जिसे सुपर टेट के नाम से जानते हैं, पास करना पड़ता है,

जबकि सीटेट में भी अलग से सुपर टेट की परीक्षा या सेंट्रल स्कूल में भर्ती के लिए प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है, जो केंद्रीय स्तर पर आयोजित की जाती है। 


प्राइमरी टीचर के लिए योग्यता 2022 Eligibility for Primary Teacher 2022

प्राइमरी टीचर बनने के लिए किसी भी छात्र या छात्रा के पास न्यूनतम (D.Ed) डिप्लोमा एन एलीमेंट्री एजुकेशन तथा (B.Ed) बैचलर ऑफ एजुकेशन होना आवश्यक होता है। इसके साथ ही उसे राज्य स्तर पर आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा, राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी होती है।

कुछ राज्यों में शिक्षक पात्रता परीक्षा के आधार पर ही मेरिट बनाकर भर्ती कर ली जाती है, किंतु कुछ राज्य ऐसे होते हैं, जहाँ पर शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने के बाद एक अलग से शिक्षक भर्ती परीक्षा पास करनी पडती है, जिसे सुपरटेट (Supertet) कहा जाता है। 


प्राइमरी टीचर सैलरी Primary teacher salary

सभी राज्यों के द्वारा प्राइमरी टीचर की सैलरी अलग-अलग प्रकार से निर्धारित की गई है, उत्तर प्रदेश में प्राइमरी टीचर की सैलरी लगभग ₹42000 इन हैंड प्राप्त होती है, वही राजस्थान में प्राइमरी शिक्षक की सैलरी भी प्रोबेशन के बाद ₹42000 के लगभग

होती है, जबकि अन्य राज्यों में भी प्राइमरी शिक्षक की सैलरी ₹40000 के लगभग ही होती है, किन्तु प्राइवेट स्कूल में सैलरी अलग - अलग स्कूल के मुताबिक होती है, किन्तु प्राइवेट स्तर पर प्राइमरी टीचर लगभग 10000 से 3000 रु तक सैलरी पा लेते है।


प्राइमरी टीचर भर्ती 2022 Primary teacher recruitment 2022

फिलहाल वर्ष 2021 में तीन बड़ी प्राइमरी शिक्षक भर्ती देखने को मिली है जो निम्न प्रकार से हैं।

  1. राजस्थान प्राइमरी शिक्षक भर्ती - राजस्थान प्राइमरी शिक्षक भर्ती के लिए राजस्थान सरकार के द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा REET का आयोजन कराया जाता है। इसमें केवल एक ही परीक्षा शिक्षक पात्रता परीक्षा ही होती है, जिसके लिए आवेदन राज्य सरकार ने जनवरी 2021 से मांगे थे तथा इसका एग्जाम 26 सितंबर 2021 को संपन्न कराया गया। इसकी भर्ती प्रक्रिया अभी प्रोसेस में है।
  2. मध्य प्रदेश प्राइमरी शिक्षक भर्ती - मध्य प्रदेश सरकार ने प्राइमरी शिक्षक के पदों को भरने के लिए वर्ग 3 संविदा आधार पर प्राइमरी शिक्षकों के लिए आवेदन पत्र 14 दिसंबर 2021 से मांगे थे जिसकी भर्ती प्रिक्रिया अभी जारी है। मध्यप्रदेश में भी एक ही शिक्षक पात्रता परीक्षा के आधार पर मेरिट बनाकर शिक्षकों की भर्ती की जाती है। 
  3. उत्तर प्रदेश प्राइमरी शिक्षक भर्ती - उत्तर प्रदेश प्राइमरी शिक्षक भर्ती फिलहाल अभी देखने को नहीं मिली इसकी जल्द ही आने की संभावना फरवरी 2023 में है, जिसके लिए वह छात्र आवेदन कर सकते हैं, जो D.El.Ed B.Ed के साथ सीटेट या फिर यूपी टेट एग्जाम पास है।

दोस्तों आपने इस लेख में प्राइमरी टीचर बनने के लिए क्या करें (How to become primary teacher)  पढ़ी। आशा करता हूँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

  • इसे भी पढ़े:-
  1. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 RTE act 2009
  2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 National Education policy 2020
  3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1992 National education policy 1992
  4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 National education policy 1968



Post a Comment

और नया पुराने
Blogger sticky
close