पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषा तथा प्रकार Definition and types of ecosystem

पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषा तथा प्रकार Definition and types of ecosystem

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, आज के हमारे इस लेख पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषा तथा प्रकार (Definition and types of ecosystem) में।

दोस्तों इस लेख के माध्यम से आज आप पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषा तथा प्रकार के साथ ही विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में जान पाएंगे तो आइए शुरू करते हैं, और पढ़ते हैं पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषा तथा प्रकार:-

पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषा तथा प्रकार

पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषा Definition of ecosystem

पारिस्थितिकी तंत्र किसी निश्चित स्थान या भूभाग पर पाए जाने वाले जैविक और अजैविक घटकों से मिलकर बनी प्राकृतिक इकाई होती है, जिसमें जैविक और अजैविक घटकों के मध्य क्रियाये होने से एक स्थिर तंत्र का निर्माण होता है। पारिस्थितिकी तंत्र पारिस्थितिकी की एक आधारभूत इकाई के रूप में होती है,

जिसमें जैविक समुदाय तथा अजैविक वातावरण एक दूसरे को प्रभावित करते हुए पारस्परिक क्रियाओं द्वारा ऊर्जा तथा रासायनिक पदार्थों के निरंतर प्रभाव से तंत्र की क्रियाशीलता और गतिशीलता बनाए रखते हैं।


पारिस्थितिकी तंत्र के प्रकार Type of ecosystem

पृथ्वी एक जीवमंडल के रूप में बहुत विशाल पारिस्थितिकी तंत्र की तरह कार्य करता है, जिसकी संरचना कार्य और ऊर्जा प्रवाह संबंधी ज्ञान के लिए इसको निम्न दो प्रकारों में बांट दिया गया है:-

  1. प्राकृतिक परिस्थितिकी तंत्र Natural ecosystem 
  2. कृत्रिम परिस्थितिकी तंत्र Artificial ecosystem 

प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र Natural ecosystem

प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र वे पारिस्थितिकी तंत्र होते हैं, जिनमें मनुष्य का कोई भी हस्तक्षेप नहीं होता है, अर्थात यह पारिस्थितिकी तंत्र मनुष्य के द्वारा निर्मित नहीं किए जाते इसके अंतर्गत निम्न दो प्रकार के तंत्रों को रखा गया है:- 

  1. जलीय पारिस्थितिकी तंत्र Aquatic ecosystem
  2. स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र Terrestrial ecosystem

जलीय पारिस्थितिकी तंत्र Aquatic ecosystem

जलीय पारिस्थितिकी तंत्र वह पारिस्थितिकी तंत्र होते हैं जो जल में निर्मित होते हैं, ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र को भी दो भागों में बांटा गया है:- 

  1. स्वच्छ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र Fresh water ecosystem 
  2. समुद्री जलीय पारिस्थितिकी तंत्र Marine ecosystem

स्वच्छ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र Fresh water ecosystem 

स्वच्छ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत स्वच्छ जल के पारिस्थितिकी तंत्र आते हैं और इस पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत जो जल होता है वह बहता हुआ या रुका जल होता है और स्वच्छ होता है इसके अंतर्गत नदी, झरने, तालाब आदि आते है।

  • तालाब का पारिस्थितिक तंत्र Pond ecosystem

तालाब का पारिस्थितिक तंत्र स्वच्छ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र होता है, जिसके निम्न प्रकार के दो घटक होते हैं:- 

  • जैविक घटक Biotic components

तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत जैविक घटक में तीन प्रकार के श्रेणी के जीव जंतुओं को रखा गया है, जो निम्न प्रकार से हैं:- 

  1. उत्पादक:- यह वे जीव जंतु या घटक होते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के फलस्वरुप कार्बनिक भोज्य पदार्थों का निर्माण करते हैं, इस लिए यह उत्पादक होते है, इसके अंतर्गत हाइड्रिला, जलकुंभी, नॉस्टॉक, डायएटम्स आदि को रखा गया है।
  2. उपभोक्ता :- तालाब के पारिस्थितिक तंत्र के अंतर्गत उपभोक्ता वे जीव जंतु होते हैं, जो पूरी तरह से परपोषी होते हैं। इनमें प्राथमिक उपभोक्ता के रूप में कीटों के छोटे छोटे से लार्वा और बहुत ही कम साइज के छोटे-मोटे कीट आते हैं, जो पतियों और शैवालों को खाते हैं, जबकि द्वितीयक उपभोक्ता के रूप में मांसाहारी जीव जंतुओं को रखा गया है, जो शाकाहारी प्राथमिक उपभोक्ताओं को खाते हैं, इनके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के बड़े लार्वा कीट और मछलियों को रखा गया है, जबकि तृतीयक उपभोक्ता के रूप में तालाब में बड़ी-बड़ी मछलियाँ और जीव आते है, जो द्वितीयक उपभोक्ता को खाते हैं।
  3. अपघटनकर्ता :- तालाब में जल तथा मिट्टी में विभिन्न प्रकार के जीवाणु और कवक पाए जाते हैं, जो उत्पादकों और उपभोक्ताओं के सड़े गले कार्बनिक पदार्थों को सरल कार्बनिक पदार्थों में बदल देते हैं और इसीलिए इन्हें अपघटनकर्ता कहा जाता है। इनके अंतर्गत प्रमुख रूप से एस्पर्जिलस राइजोपस आदि आते हैं।

  • अजैविक घटक Abiotic component 

तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत अजैविक घटक के रूप में विभिन्न प्रकार के तत्व ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड के साथ ही कई प्रकार की गैंसे भी पाई जाती हैं, जबकि अनेक प्रकार के पोषक तत्व भी मिट्टी में उपस्थित होते हैं, जो अजैविक घटक की श्रेणी में आते हैं।


समुद्री जलीय पारिस्थितिकी तंत्र Marine ecosystem

समुद्री जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत जल के वे बड़े स्रोत होते हैं, जिनके अंतर्गत सागर और महासागर आते हैं।

  • समुद्र का पारिस्थितिकी तंत्र Marine ecosystem

पृथ्वी की सतह पर लगभग 70% भाग जल से घिरा हुआ है, जिसके अंतर्गत बड़े-बड़े महासागर जैसे कि प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी को प्रमुख स्थान मिलता है जिनके पारिस्थितिकी तंत्र निम्न प्रकार से होते हैं:- 

  • जैविक घटक Biotic Component 

समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के जैविक घटक के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु, वनस्पतियाँ, पेड़-पौधे आते हैं, जो निम्न प्रकार से हैं:- 

  1. उत्पादक:- समुद्र की गहराई में विभिन्न प्रकार के उत्पादक पाए जाते हैं, जो स्वयं भोजन प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के द्वारा बनाते हैं। समुद्र में उत्पादक के रूप में डायटाइटंस, समुद्री खरपतवार लाल और भूरे शैवाल प्रमुख रूप से होते है। 
  2. उपभोक्ता :- उपभोक्ता के अंतर्गत वे सभी जीव जंतु आते हैं, जो पूर्ण तथा आंशिक रूप से अपने भोजन के लिए पेड़ पौधों तथा जंतुओं पर निर्भर करते हैं, जिनके अंतर्गत सबसे पहले प्राथमिक उपभोक्ता आते हैं, जो शाकाहारी होते हैं, तथा छोटे-छोटे पेड़ पौधों और उनकी पत्तियों को खाते हैं, इनके अंतर्गत कोपीपॉड, क्रिस्टेशियन, टेरोपोड्स, हेट्रोपोड्स आदि को रखा गया है, जबकि द्वितीयक उपभोक्ता के अंतर्गत उन जीव-जंतुओं को रखा गया है, जो मांसाहारी होते हैं और प्राथमिक उपभोक्ताओं को खाते हैं, जिनमें शाड और मैकेरल मछलियाँ प्रमुख स्थान लेते हैं जबकि तृतीयक उपभोक्ता के अंतर्गत द्वितीय उपभोक्ताओं को शिकार बनाने वाले जीव जंतु आते हैं, जिनमें बड़ी मछलियाँ जैसे कि समुद्री पक्षी, हवेल सील आदि को रखा गया है।
  3. अपघटनकर्ता :- इसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के छोटे-छोटे जीवाणु और कवक आते हैं, जो समुद्र की गहराइयों में पाए जाते हैं और सड़े गले मृत कार्बनिक पदार्थों को खाकर उनको सरल पदार्थो में अपघटक कर देते हैं।

स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र Terrestrial ecosystem

स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र वे होते हैं, जो स्थल अर्थात जमीन पर होते हैं ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र को निम्न तीन भागों में बांटा गया है:-


घास के मैदान का पारिस्थितिकी तंत्र Grassland ecosystem

यह वे पारिस्थितिकी तंत्र होते हैं, जो स्थल पर तो होते हैं लेकिन घास के मैदान से संबंधित होते हैं। इस पारिस्थितिकी तंत्र में सूर्य का प्रकाश, मिट्टी, कार्बन डाई ऑक्साइड, नाइट्रस, सल्फेट, फास्फेट के साथ विभिन्न अजैविक घटक तथा कीड़े मकोड़े तथा कई जीव जंतु जैविक घटक के अंतर्गत आते हैं।

  • घास के मैदान का पारिस्थितिकी तंत्र Grassland ecosystem

घास के मैदान के पारिस्थितिकी तंत्र को भी हम निम्न प्रकार से उनके दो घटकों जैविक घटक और अजैविक घटक के रूप में समझते हैं:- 

  • जैविक घटक Biotic Component 

घास के मैदान के पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत जैविक घटक वे घटक होते हैं, जिनमें जीवन होता है और पूरे तथा आंशिक रूप से अजैविक घटकों पर भी निर्भर होते हैं उन्हें हम निम्न प्रकार से समझते हैं:- 

  1. उत्पादक:- घास के मैदान के अंतर्गत उत्पादक वे होते हैं, जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं और प्रकाश संश्लेषण की जटिल क्रिया करते हैं। इसके अंतर्गत सायड़ोनॉन,, डेस्मोडियम, सिटेरिया, स्पोरोबोलस के साथ ही विभिन्न प्रकार की पेड़ पौधों की प्रजातियाँ और झाड़ियां आती है।
  2. उपभोक्ता :- घास के मैदान के अंतर्गत उपभोक्ता वे जीव जंतु होते हैं, जो पूरी तरह से परपोषी होते हैं जो तीन प्रकार से बांटे गए है, जिनमें प्राथमिक उपभोक्ता के अंतर्गत वे जीव जंतु आते हैं, जो घास फल फूल वनस्पति आदि शाकाहारी खाद्य पदार्थो को खाते हैं इनके अंतर्गत हिरण, खरगोश, भेड़ आदि आते है, जबकि द्वितीयक उपभोक्ता मांसाहारी होते हैं और प्राथमिक उपभोक्ताओं का भक्षण करते हैं, जिनके अंतर्गत छिपकली सांप गिरगिट लोमड़ी सियार आदि आते हैं और तृतीयक उपभोक्ता के रूप में बाज को प्रमुख स्थान दिया गया है।
  3. अपघटनकर्ता :- अपघटनकर्ता कुछ बैक्टीरिया और एक्टीनोमाइसीट्स नामक जीवाणु होते हैं, जो मिट्टी में पाये जाते हैं और सड़े गले मृत जटिल कार्बनिक पदार्थों को अपघटित करके सरल पदार्थो में परिवर्तित कर देते है।

वन के पारिस्थितिकी तंत्र Forest ecosystem

वन के पारिस्थितिकी तंत्र उष्णकटिबंधीय, उपोष्ण कटिबंधीय और शीतोष्ण कटिबंधीय वनों के रूप में अधिकतर पाए जाते हैं, जिनमें जैविक घटक के रूप में विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे पशु पक्षी तथा अजैविक घटक के रूप में कार्बनिक तथा अकार्बनिक पदार्थ आते हैं।

  • वन का पारिस्थितिकी तंत्र Forest ecosystem

वन के पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत भी जैविक और अजैविक घटक आते हैं, जो निम्न प्रकार से हैं:- 

  • जैविक घटक Biotic Component 

वन के पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत वे जैविक घटक होते हैं, जो जीवन प्रदर्शित करते हैं और अपने जीवन के लिए अजैविक घटक पर निर्भर भी करते हैं, जो निम्न प्रकार से होते हैं:- 

  1. उत्पादक:- वन में मुख्य रूप से उत्पादक का कार्य करने वाले वृक्ष होते हैं, जो विभिन्न प्रजातियों के होते हैं। वनो में सबसे अधिक रूप से टीक या टेक्टोना साल या शौरिया जबकि शीतोण शंकुधारी वन में एबीस पाइनस साल आदि वृक्ष पाए जाते हैं।
  2. उपभोक्ता :- उपभोक्ता वे होते हैं, जो अपने भोजन के लिए उत्पादकों पर निर्भर करते हैं, जिनमें वन के पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत प्राथमिक उपभोक्ता के रूप में शाकाहारी जंतु जैसे टिड्डे, दीमक, गिलहरी, खरगोश हिरण आते हैं, जबकि द्वितीयक उपभोक्ता मांसाहारी होते हैं, जिनमें सांप, छिपकली, पक्षी, लोमड़ी आदि को रखा गया है और यह शाकाहारी जंतुओं का भक्षण करते हैं जबकि वन पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत तृतीयक उपभोक्ता शेर चीता तेंदुआ आदि होते हैं।
  3. अपघटनकर्ता :- वन पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के जीवाणु और कवक होते हैं, जो मिट्टी में रहकर पक्षियों का और मृत शरीर का भक्षण करते हैं और उनको सरल कार्बनिक पदार्थों में तोड़ देते हैं, इनके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के जीवाणु जैसे कि बेसिलस, एस्परजिलस आदि को रखा गया है।

  • अजैविक घटक Abiotic Component 

वन पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत अजैविक घटक के रूप में कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थों को रखा गया है, जो प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष तरीके से जैविक घटकों को प्रभावित करते रहते हैं।


मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र Desert ecosystem

मरुस्थली पारिस्थितिकी तंत्र प्रमुख रूप से मरुस्थल स्थानों पर होते हैं, जिसमें जैविक घटक के रूप में झाड़ियाँ पेड़ पौधे जीवाणु जानवर तथा अजैविक घटक के रूप में कार्बनिक और अकार्बनिक विभिन्न प्रकार के पदार्थ पाए जाते हैं।

  • मरुस्थल का पारिस्थितिकी तंत्र Desert ecosystem

मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना अन्य प्रकार के पारिस्थितिकी तंत्र से भिन्न होती है। इसका प्रमुख कारण ताप और जल जैसे महत्वपूर्ण कारकों की पराकाष्ठा से संबंधित है और इसके अंतर्गत सबसे प्रमुख रूप से जैविक घटक को भी स्थान दिया गया है:- 

  • जैविक घटक Biotic Component 

मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत उत्पादक उपभोक्ता और अपघटनकर्ताओं को स्थान प्राप्त है, जो निम्न है:-

  1. उत्पादक:- मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत उत्पादक के रूप में प्रमुख रूप से झाड़ियाँ होती हैं, किंतु कहीं-कहीं पर थोड़ी घास और कुछ वृक्ष भी पाए जाते हैं जबकि रेतीले स्थान पर अधिकतर कैक्टस ही देखने को मिलते हैं और निम्न कोटि के पादप लाइकेन और मॉस भी पाए जाते हैं।
  2. उपभोक्ता :- इस पारिस्थितिकी तंत्र में उपभोक्ता के रूप में सरिसृप ही पाए जाते हैं, जो कि प्रमुख उपभोक्ता के रूप में जाने जाते हैं, जबकि कुछ पक्षी और ऊंट भी उपभोक्ता के रूप में यहाँ पर गिने जाते हैं।
  3. अपघटनकर्ता :- यहाँ पर अपघटनकर्ता की संख्या बहुत ही कम होती है, क्योंकि यहाँ पर तापमान उच्च होता है और पानी की कमी होती है, इसीलिए जीवित रहने के लिए जीवाणुओं और कवकों को पानी और तापमान दोनों की जरूरत होती है।

कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र Artificial ecosystem

कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र वह पारिस्थितिकी तंत्र होते हैं, जिनका निर्माण मनुष्य के द्वारा किया जाता है। यह पारिस्थितिकी तंत्र किसी की भूमि और जलजीव शाला एक्वेरियम के रूप में सबसे अधिक प्रचलित होते हैं।

दोस्तों आपने यहाँ पर पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषा तथा प्रकार (Definition and types of ecosystem) के साथ अन्य तथ्य पढ़े। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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