शारीरिक फिटनेस को प्रभावित करने वाले कारक Factors affecting physical fitness

शारीरिक फिटनेस को प्रभावित करने वाले कारक Factors affecting physical fitness

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, आज के हमारे इस लेख शारीरिक फिटनेस को प्रभावित करने वाले कारक (Factors affecting physical fitness) में। दोस्तों शारीरिक फिटनेस सभी के लिए बहुत ही जरूरी होती है,

क्योंकि यह स्वास्थ्य से संबंधित होती है। इसीलिए सभी व्यक्तियों को शारीरिक रूप से फिट रहना चाहिए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की बीमारी ना छूने पाए तो दोस्तों आइए जानते हैं, वह कौन से कारक हैं, जो शारीरिक फिटनेस को प्रभावित करते हैं:-


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शारीरिक फिटनेस को प्रभावित करने वाले कारक


शारीरिक फिटनेस को प्रभावित करने वाले कारक Factors affecting physical fitness

शारीरिक फिटनेस को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्न प्रकार से हैं:- 

  • आयु Age 

मनुष्य के जीवन की संपूर्ण आयु को पाँच वर्गों में विभाजित किया गया है:- शैशवावस्था, बचपनावस्था, किशोरावस्था, प्रौढ़ावस्था और वृद्धावस्था। इसीलिए इन पांचों अवस्थाओं में शरीर में होने वाली प्रक्रियाऐं भी भिन्न-भिन्न होती हैं।

जैसे कि किशोरावस्था में शारीरिक परिवर्तन शारीरिक अंगों का विकास अधिक होता है, तो प्रौढ़ावस्था में उनमें परिपक्वता आ जाती है और वृद्धावस्था में शारीरिक क्रियाकलाप कम होने लगते है।

जिसकारण हर आयु वर्ग के व्यक्तियों में शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) अलग - अलग होती है। किशोरावस्था में व्यक्ति शारीरिक रूप से अधिक फिट रहता है जबकि वृद्धावस्था में बहुत ही कम।

  • लिंग Gender 

लिंग सम्बन्धी विभिन्नताओं का प्रभाव भी शारीरिक फिटनेस पर देखने को मिलता है. जैसे कि बचपन अवस्था में लड़के और लड़कियाँ कद काठी बजन तथा शारीरिक रूप में एक जैसे ही होते हैं,

किंतु किशोरावस्था आने पर उनमें शारीरिक, मनोवैज्ञानिक तथा लिंग सम्बंधित कई विभिन्नताऐं उत्पन्न होने लगती हैं और वे एक दूसरे से

भिन्न-भिन्न दिखाई देने लगती हैं। इसीलिए उनकी आवश्यकताओं उनकी शारीरिक क्रियाओं को ध्यान में रखकर उनके अलग-अलग प्रकार के शारीरिक फिटनेस कार्यक्रम होने चाहिए।

  • वंशानुक्रम Inheritance

अनुवांशिकता भी शारीरिक फिटनेस के लिए उत्तरदाई मानी जाती है। व्यक्ति की आकृति, आकार, संरचना कद आदि अनुवांशिकता अर्थात वंशानुक्रम से संबंधित माने जाते हैं। यह लक्षण पीढ़ी दर पीढ़ी भी चलते रहते हैं, इसलिए यह शारीरिक फिटनेस

एवं कल्याणकारी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही आवश्यक होते है। गामक फिटनेट से भी संबंधित कार्य, गति, शक्ति एवं सहनशक्ति का विवास कुछ सीमा तक व्यक्ति की मांसपेशी तंतु संरचना पर भी निर्भर करती है।

  • उचित प्रशिक्षण Proper training

व्यक्ति का शारीरिक फिटनेस व शारीरिक दक्षता में वृद्धि पर प्रशिक्षण प्रक्रिया के दौरान दिए जाने वाले उचित प्रशिक्षण पर भी निर्भर करता है।

यदि प्रशिक्षण भार को प्रशिक्षण के वैज्ञानिक सिद्धांतों का अनुपालन करते हुए संयोजित किया जाए तो उसमें समस्या नहीं आती है और शारीरिक दक्षता (Physical fitness) का विकास होता है।

  • संतुलित आहार Balanced diet

संतुलित आहार शारीरिक फिटनेस का एक प्रमुख घटक माना जाता है, क्योंकि अगर व्यक्ति खानपान में ध्यान नहीं देता है तो वह कुपोषण अल्प पोषण का शिकार हो जाता है और उसकी शारीरिक दक्षता

कम होने लगती है। इसीलिए संतुलित आहार (Balanced Diet) शारीरिक फिटनेस और कल्याणकारी स्वास्थ्य (Health) को बढ़ावा देने के लिए उत्तरदाई माना जाता है।

व्यक्ति को अपनी आयु, लिंग, रोग आदि के अनुसार ही संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए ताकि वह अपने शरीर को स्वस्थ और फिट रख सकें।

  • मानसिक थकान एवं तनाव Mental fatigue and stress

मानसिक थकान और तनाव भी फिटनेस शारीरिक फिटनेस के लिए उत्तरदाई होता है, जो व्यक्ति अधिक मानसिक तनाव और दबाव में होता है तथा ऐसे कार्य करता है, जिससे उसे मानसिक तनाव

और दबाव होता है तो वह शारीरिक फिटनेस में विफल हो जाता है। इसीलिए मानसिक कारकों को योग तकनीकी एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के अंतर्गत बदलना चाहिए और शारीरिक फिटनेस में सुधार लाना चाहिए।

  • विश्राम Rest 

विश्राम भी शारीरिक फिटनेस के लिए उत्तरदाई कारक माना जाता है, यदि कोई व्यक्ति अधिक मेहनत का काम करता है और लगातार काम करता है, तो उसके शारीरिक फिटनेस पर बुरा प्रभाव देखने को मिलता है

इसीलिए व्यक्ति को लगातार मेहनत वाला कार्य नहीं करना चाहिए और मेहनत वाले कार्य करने के पश्चात उसे अपनी बॉडी को रिलैक्स आराम देना चाहिए ताकि उसका स्वास्थ्य हमेशा बरकरार रह सके।

  • वातावरण Environment 

व्यक्ति के चारों ओर का वातावरण जैसे की जलवायु, मौसम, तापमान, प्रदूषण, प्राकृतिक वातावरण होता है और यह व्यक्ति के स्वास्थ्य और फिटनेस पर गहरा प्रभाव डालता है। वातावरण में विभिन्न प्रकार की ऐसी बीमारियाँ उत्पन्न हो गई है,

जो लगातार मनुष्य को हानि पहुँचाती जा रही है और मनुष्य के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। इसीलिए वातावरण मनुष्य के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालने के लिए भी उत्तरदाई होता है।

  • स्वास्थ्य समस्याएँ Health Problem 

स्वास्थ्य समस्याएँ आज के समय में दिन-प्रतिदिन मनुष्य में देखने को मिल रही है, जो उनके शारीरिक फिटनेस के लिए उत्तरदाई होती हैं। आज के समय में कई ऐसी बीमारियाँ है, जो मनुष्य को लगातार खाती जा रही है। और मनुष्य अपने शरीर को नष्ट करता जा रहा है।

हैजा, टीवी, मलेरिया, कैंसर जैसी ऐसी कई बीमारियाँ है, जो मनुष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। यहाँ तक कि मनुष्य इन बीमारियों के कारण मनुष्य की मृत्यु तक को प्राप्त हो जाती है।

  • सामाजिक वातावरण Social Environment 

मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए सामाजिक वातावरण भी उत्तरदाई होता है। अगर मनुष्य अच्छे सामाजिक वातावरण में रहता है, तो उसका शारीरिक फिटनेस भी अच्छा रहती है, किंतु अगर मनुष्य गंदे सामाजिक वातावरण में पड़ जाता है,

तो वह विभिन्न प्रकार की गंदी आदते सीख जाता है। जैसे कि शराब पीना, धूम्रपान करना, जिससे अपने शरीर को कष्ट देता ही है साथ में समाज और देश को भी दूषित करने लगता है।

दोस्तों आपने इस लेख में शारीरिक फिटनेस को प्रभावित करने वाले कारक (Factors affecting physical fitness) के बारे में पढ़ा आशा करता हूँ, आपको हर एक अच्छा लगा होगा।

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