राष्ट्रीय जीवन में शिक्षा के कार्य Functions of education in national life

राष्ट्रीय जीवन में शिक्षा के कार्य Functions of education in national life

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख राष्ट्रीय जीवन में शिक्षा के कार्य (Functions of education in national life) में।

दोस्तों यहाँ पर आप जानेंगे कि राष्ट्रीय जीवन में शिक्षा कोनसे कार्य करती है? राष्ट्रीय जीवन के लिए शिक्षा का महत्व क्या है? तो आइये दोस्तों शुरू करते है, यह लेख राष्ट्रीय जीवन में शिक्षा के कार्य:-


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राष्ट्रीय जीवन में शिक्षा के कार्य


राष्ट्रीय जीवन में शिक्षा के कार्य Functions of education in national life

सामाजिकता की भावना जगाना :- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी होता है, इसलिए यह बहुत आवश्यक है, कि उसे समाज के अनुकूल बनाया जाना चाहिए।

शिक्षा बालक में सामाजिकता की भावना जागृत करती हैं और उसे समाज के अनुकूल बनाने के लिए उत्तरदाई मानी जाती है। बालक विद्यालय में अपने साथियों के साथ रहता है और सामाजिक कुशलता प्राप्त करता है।

बालक सहयोग सहनशीलता करुणा प्रेम आदि गुणों को अपने साथियों से ही सीखता है। बालक यह भी देखता, कि सहयोग के द्वारा बड़े-बड़े काम अत्यंत सरलता के साथ हो जाते हैं।

सामाजिक जीवन में रहकर उसे यह भी ज्ञात हो जाता है, कि अलग रहना कितना मुश्किल है और सामाजिक जीवन में जीना कितना आसान और प्रसन्नतादायक।

परंपरागत अनुभवों का ज्ञान प्राप्त करना:- सामाजिक जीवन में रहकर मनुष्य भिन्न प्रकार के अनुभव प्राप्त करता है, जो व्यक्ति को जीवन जीने के लिए विभिन्न प्रकार की सीख देते हैं और वह व्यक्ति सामाजिक जीवन में रहने के योग्य बन जाता है।

शिक्षा के द्वारा ही व्यक्ति परंपरागत अनुभव का ज्ञान भी प्राप्त कर लेता है तथा उनका उचित उपयोग करके सामाजिक जीवन में लाभान्वित होता रहता है।

नागरिकता की भावना का विकास:- यह बिल्कुल सत्य है, कि कोई भी देश क्यों ना हो वहां की प्रगति वहां के नागरिकों के अच्छे व्यवहार उनके अच्छे आचरण के आधार पर निर्भर होती हैं, इसीलिए नागरिकों में नागरिकता की भावना होना बहुत ही आवश्यक है,

जिस देश के नागरिकों में नागरिकता देश के प्रति प्रेम दया करुणा त्याग की भावना होती है वह देश हमेशा ही प्रगति करता है और सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाता है, क्योंकि शिक्षा व्यक्ति में नागरिकता के गुणों का विकास करती है।

नागरिकता के गुणों का विकास के कारण ही व्यक्ति देश तथा समाज के लिए कर्तव्यवद्ध होकर कार्य करता है और उसके विकास के लिए आवश्यक कदम भी उठाता है।

संस्कृति और सभ्यता की सुरक्षा:- किसी भी देश की संस्कृति और सभ्यता की सुरक्षा में शिक्षा का अपना एक विशेष योगदान होता है। प्राचीन संस्कृति और सभ्यता का ज्ञान शिक्षा के द्वारा ही प्राप्त होता है

तथा शिक्षा के द्वारा किसी भी देश जाति समुदाय की संस्कृति सभ्यता भविष्य में भी बनी रहती है। लोग संस्कृति तथा सभ्यता का अनुसरण करते हैं, शिक्षा के द्वारा सभ्यता और संस्कृति के ज्ञान की शिक्षा प्राप्त होती है उससे लोग उत्साहित होते हैं और उसकी सुरक्षा तथा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राष्ट्रीय एकता के विकास में सहायक :- शिक्षा के द्वारा छात्रों में या व्यक्तियों में राष्ट्रीय एकता उत्पन्न की जा सकती है। हमारे देश में जातिवाद, सांप्रदायिकता, प्रांतीयता क्षेत्रीय भाषा संबंधी कई विभेद उत्पन्न हो गए हैं, जिसका मुख्य कारण निरक्षरता को

बढ़ावा देना होता है। एक निरक्षर व्यक्ति इन दुर्गुणों का शिकार बहुत ही जल्दी हो जाता है, क्योंकि वह शिक्षा के व्यापक महत्व को नहीं समझता, इसीलिए दुर्गुणों के विनाश के लिए और व्यक्ति में एकता राष्ट्रीय एकता के विकास के लिए शिक्षा बहुत ही आवश्यक होती है।

दोस्तों यहाँ पर आपने राष्ट्रीय जीवन में शिक्षा के कार्य (Functions of education in national life) पढ़े, आशा करता हूँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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