विटामिन k का रासायनिक नाम रोग, लक्षण Chemical Name of Vitamin-K

विटामिन k का रासायनिक नाम रोग, लक्षण

विटामिन k का रासायनिक नाम रोग, लक्षण Chemical Name of Vitamin-K

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख विटामिन के का रासायनिक नाम लक्षण कमी रोग (Chemical Name of Vitamin-K) में।

दोस्तों इस लेख में आप विटामिन के क्या होता है के साथ विटामिन K के स्रोत, विटामिन के की कमी के लक्षण, विटामिन के की कमी से होने वाले रोग,

के साथ अन्य तथ्य जानेंगे, तो आइये करते है, शुरू यह लेख विटामिन के (Vitamin k) का रासायनिक नाम लक्षण कमी रोग:-

पोषण किसे कहते है प्रकार

विटामिन k का रासायनिक नाम रोग, लक्षण

विटामिन k क्या होता है What is Vitamin k

विटामिन k क्या है - विटामिन के अन्य विटामिन जैसे कि विटामिन ए विटामिन डी विटामिन ई की तरह ही वसा में घुलनशील है तथा कार्बनिक यौगिक (Corbnic Compound) होते हैं,

जो शरीर को बहुत कम मात्रा में आवश्यक होते हैं, किंतु इनकी उपस्थिति के कारण शरीर के विभिन्न प्रकार की बायोलॉजिकल क्रियाएँ (Biological Reaction) ठीक प्रकार से चलती हैं

तथा शरीर संतुलित और स्वस्थ बना रहता है। विटामिन k की खोज सन 1935 में डेम (Dame) नामक वैज्ञानिक ने की थी,

यह शरीर में बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया रक्त का थक्का जमाने में काम आता है, यदि शरीर में इसकी कमी हो जाती है तो व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है।

विटामिन k का रासायनिक नाम Chemical Name of Vitamin-K

विटामिन के एक वसा में घुलनशील विटामिन (Fat Soluble Vitamin) होता है, जो रक्त में पहुंचकर सबसे महत्वपूर्ण कार्य रक्त का थक्का (Blood Clotting) जमाने का करता है।

विटामिन के का रासायनिक नाम नेप्थाक्यूनोन (Naphthaquinone) होता है। विटामिन k के दो प्रकार होते हैं विटामिन K1 जिस का रासायनिक नाम फाइलोक्विनोन (Phylloquinone) होता है,

जबकि विटामिन के का दूसरा प्रकार विटामिन K2 होता है जिस का रासायनिक नाम मेनाक्विनोन (Menaquinone) होता है।

विटामिन के का रासायनिक सूत्र (Chemical Formula) C31H46O2, जबकि गलनांक और क्वथनांक क्रमशः लगभग 106 डिग्री सेंटीग्रेड होता है। 

विटामिन k की दैनिक आवश्यकता Daily requirement of vitamin k

विटामिन k1 खाद्य पदार्थो से शरीर में पहुँचता है, जबकि विटामिन k2 का निर्माण बैक्टीरिया (Bacteria) की क्रिया के फलस्वरूप आतों में हो जाता है, अगर किन्हीं भी कारणों के

फलस्वरूप शरीर में विटामिन के की कमी होने लगती है, तब विटामिन K की खुराक या फिर इंजेक्शन देना आवश्यक हो जाता है।

एक साधारण मनुष्य के लिए विटामिन k की दैनिक आवश्यकता 90 माइक्रोग्राम प्रति दिन होती है, जबकि गर्भवती महिलाओं के लिए

लगभग 100 माइक्रोग्राम, तथा बच्चों के लिए लगभग 60-80 माइक्रोग्राम विटामिन k (Vitamin k) की दैनिक आवश्यकता होती है।

विटामिन K के स्रोत Vitamin k Source 

वैसे तो शरीर में विटामिन k की कभी कमी नहीं होती है, क्योंकि आंतों में उपस्थित बैक्टीरिया ही विटामिन के का निर्माण स्वयं ही कर लेते हैं,

किंतु कभी-कभी विभिन्न परिस्थितियों में शरीर में विटामिन के की कमी होने लगती है और जब मनुष्य को कहीं पर कोई चोट लग जाती है

तब रक्त का थक्का नहीं जमता है, ऐसी स्थिति में मनुष्य विटामिन k की खुराक लेता है या फिर इंजेक्शन (Vitamin k Injection) का सहारा लेकर विटामिन के की कमी को पूरा करता है,

किंतु इसके बाद भी मनुष्य बाहरी खाद पदार्थों से भी विटामिन के प्राप्त करता है। विटामिन k वनस्पति जगत के खाद्य पदार्थों के साथ ही पशु जगत से प्राप्त होने वाले खाद्य पदार्थों में भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

विटामिन k हरी सब्जियों जैसे पत्ती वाली सब्जियों, पालक पत्ता गोभी, सलाद के साथ मूंग और मसूर की दालों में पर्याप्त मात्रा में होता है,

इसके साथ ही फूलगोभी, मक्खन, दूध गेहूँ आदि में भी विटामिन k प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जबकि विटामिन k मांस, मछली, अंडा मछली के अंडों में भी अधिक मात्रा में पाया जाता है।

विटामिन k के फायदे Vitamin k Benefits 

विटामिन के का सबसे प्रमुख कारण शरीर में रक्त का थक्का जमाना होता है, क्योंकि विटामिन के प्रोथ्रॉम्बिन (Prothrombin) नामक प्रोटीन का निर्माण में अहम भूमिका निभाता है,

क्योंकि यह प्रोथ्रॉम्बिन कैल्शियम से क्रिया करके थ्रोबिन (Throbin) बना लेती है और थ्रोबिन फाइब्रिनोजेन (fibrinogen) से क्रिया करके फाइब्रिन (fibrin) नामक प्रोटीन का निर्माण करती है,

जो फाइब्रिन जैसा एक जाल बना रहता है, जिसमें रक्त की कणिकाएँ (Blood Cells) आकर फस जाती हैं और रक्त बहना बंद हो जाता है। अगर रक्त में विटामिन k की कमी होती है, तो प्रोथ्रॉम्बिन टाइम बढ़ जाता है और रक्त बहता रहता है।

विटामिन के की कमी के लक्षण  Symptoms of Vitamin k Deficiency 

जब शरीर में विटामिन के की कमी होने लगती है, तो स्पष्ट लक्षण देखने को नहीं मिलते हैं। नवजात शिशु के शरीर में बैक्टीरिया (Bacteria) के कारण विटामिन के का निर्माण नहीं हो पाता है,

या दोष पूर्ण तरीके से होता है, जबकि वयस्क लोगों के शरीर में विटामिन के की कमी बाइल साल्ट (Bile Salt) की कमी के कारण होता है,

क्योंकि विटामिन के का अवशोषण बाइल साल्ट के द्वारा किया जाता है। शरीर में विटामिन k की कमी के कारण जब कभी भी चोट लग जाती है, तब रक्त स्राव लंबे समय तक होता रहता है,

क्योंकि रक्त में प्रोथ्रॉम्बिन का निर्माण कम हो पाता है और यह प्रोथ्रॉम्बिन ही रक्त के थक्का जमाने में सबसे पहली कड़ी होती है,

जबकि कुछ लोगों में विटामिन के की कमी के कारण उपचर्म या अंता:पेशी रक्तस्राव (Bleeding) भी देखने को मिलता है। इसके अलावा जब शरीर में विटामिन k की अधिक कमी हो जाती है,

तो जब शरीर में कहीं पर भी इंजेक्शन लगते हैं तो उस स्थान से रक्तस्राव होने लगता है, फोड़े फुंसियों से रक्त स्राव होने लगता है और बड़े-बड़े घाव बन जाते हैं, बहुत अधिक मासिक धर्म होने लगता है मल और मूत्र में भी खून देखने को मिलता है।

विटामिन k की कमी से होने वाले रोग Vitamin k Deficiency 

अगर शरीर में विटामिन के की कमी हो जाती है, तो रक्त में प्रोथ्रॉम्बिन की मात्रा कम होने लगती है अर्थात प्रोथ्रॉम्बिन का टाइम बढ़ जाता है।

इसलिए विटामिन के की कमी से होने वाले रोग को हाइपोप्रोथ्रॉम्बोमिया (Hypoprothrombemia) के नाम से जाना जाता है, क्योंकि विटामिन के प्रमुख रूप से प्रोथ्रॉम्बिन (Prothrombin) पर ही कार्य करता है।

इसके नाम के आधार पर ही विटामिन k की कमी के रोग का नाम हाइपोप्रोथ्रॉम्बोमिया दे दिया गया है। इस रोग में अगर किसी भी व्यक्ति

को कहीं पर भी चोट लगती है तो उस घाव से रक्त बहता (Bleeding) रहता है, और लंबे समय के पश्चात रक्त बहने के कारण मनुष्य की मृत्यु तक हो जाती है।

विटामिन के की कमी का उपचार Vitamin K deficiency treatment

अगर शरीर में विटामिन k की कमी महसूस होती है और रक्त तथा चोट से अधिक रक्तस्राव (Bleeding)  होने लगता है तथा अन्य कई लक्षण भी विटामिन के की कमी के कारण दिखाई देते हैं,

तो विटामिन के की कमी का उपचार (Treatment) अवश्य करवाना चाहिए। अगर शरीर में विटामिन के की कमी अधिक है, तो इसके लिए आपको किसी योग्य चिकित्सक से सलाह अवश्य लेनी चाहिए,

किंतु विटामिन के की कमी कम होने पर आपको बिल्कुल भी घबराना नहीं चाहिए और विटामिन के की कमी कैसे पूरा करें इसके बारे में ध्यान पूर्वक जानने की कोशिश करनी चाहिए।

विटामिन के दो प्रकार के होते हैं विटामिन k1 और विटामिन K2 जिसमें विटामिन k1 बाहरी खाद पदार्थों से प्राप्त किया जाता है,

जबकि विटामिन K2 का निर्माण आंतों में ही बैक्टीरिया के द्वारा कर दिया जाता है। अगर शरीर में विटामिन के की कमी आती है, तो आप विटामिन के युक्त खाद्य पदार्थों का भरपूर प्रयोग करें,

किंतु अधिक कमी होने पर आपको डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए, जहाँ पर आपको मुँह के द्वारा विटामिन के की गोलियाँ

तथा इंजेक्शन के द्वारा विटामिन k के इंजेक्शन (Vitamin k Injection) दिए जाएंगे, जिससे विटामिन के की कमी को पूरा किया जा सकता है।

दोस्तों आपने इस लेख में विटामिन के का रासायनिक नाम रोग, लक्षण (Chemical Name of Vitamin-k) पढ़े। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

इसे भी पढ़े:-

  1. विटामिन किसे कहते है प्रकार What vitamin-K
  2. विटामिन ए क्या होता है, कमी रोग लक्षण What is vitamin-A
  3. विटामिन सी क्या है कमी रोग लक्षण What is vitamin-C
  4. विटामिन डी क्या है कमी रोग लक्षण What is vitamin -D
  5. विटामिन ई क्या है कमी रोग लक्षण What is Vitamin-E


Post a Comment

और नया पुराने
close