विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है कार्य What is University Grants Commission its work

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है इसके कार्य

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है इसके कार्य What is University Grants Commission its work

दोस्तों नमस्कार आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है कार्य (What is University Grants Commission its work) में। दोस्तों इस लेख के माध्यम से आप विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है?

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की शिक्षा में भूमिका तथा कार्य के बारे में जानेंगे। तो आइये दोस्तों करते है शुरू यह लेख विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है कार्य:-

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है What is University Grants Commission  

भारत देश आजाद हुआ था तो उस समय चारों ओर से यह आवाज उठने लगी थी कि देश की आवश्यकता व आकांक्षाओं एवं मानसिक स्थिति के अनुरूप शिक्षा का एक स्वरूप हो तथा

यह अनुभव किया गया कि देश के सर्वागीण विकास में शिक्षा जिनमें से उच्च शिक्षा का सबसे प्रमुख योगदान रहता है। इसीलिए 1948 में एक आयोग

नियुक्त किया गया जिसे भारतीय विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग 1948 (University Education Commission 1948) कहा गया इस आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे।

इसी भारतीय विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग के सुझाव के द्वारा 1953 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) की स्थापना की गई और 1956 में संसद के

अधिनियम के फल स्वरुप इसको एक वैधानिक संस्था घोषित किया गया। इस अधिनियम में एक अध्यक्ष सचिव के अतिरिक्त लगभग 9 सदस्य और थे  

जिनमें से 3 सदस्य भारतीय विश्वविद्यालयों के कुलपति 4 सदस्य प्रसिद्ध भारतीय शिक्षा के ज्ञाता जबकि दो केंद्रीय सरकार के प्रतिनिधि थे।

वर्तमान में डॉक्टर आर्मेती देसाई इसके अध्यक्ष हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में जबकि इनके क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता, गुहावटी तथा बंगलौर में स्थित है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के गठन हेतु सुझाव Suggestions for the formation of University Grants Commission

आचार्य राममूर्ति समिति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के गठन के लिए निम्न सुझाव दिए थे:-

  1. इस समिति के अनुसार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 5 सदस्य पूर्णकालिक होने चाहिए। यह सदस्य शिक्षा (Education) अनुसंधान (Research) प्रसार (Spreading) प्रबंधन (Management) तथा वित्त (Finance) से संबंधित होने चाहिए।
  2. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सदस्यों के अलावा वाइस चेयरमैन और चेयरमैन का पद पृथक रूप से होना चाहिए।
  3. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के देश के विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए जाने चाहिए जिससे विश्वविद्यालय की समस्याओं को आसानी से सुलझाया जा सके।

वर्तमान में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की भूमिका Presently the role of the University Grants Commission

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नें अपनी प्रमुख भूमिका स्वायत्त कॉलेजों की स्थापना में की है। अब तक 108 कॉलेजों की स्थापना विश्वविद्यालय अनुदान आयोग कर चुका है।

शिक्षकों के प्रबोधन के लिए शैक्षिक स्टाफ कॉलेजों की स्थापना इन कॉलेजों ने 30684 अध्यापकों को शामिल करके अभी तक 900 प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इसके साथ ही 46276 शिक्षकों को शामिल करके सेवारत अध्यापकों के लिए 1897 पुनशचर्या पाठ्यक्रम आयोजित किए हैं।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने प्रवक्ताओं के लिए पात्रता परीक्षा निर्धारित करने या मानविकी या सामाजिक विज्ञान में जूनियर रिसर्च फैलोशिप (Junior Research Fellowship)

प्रदान करने के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित की विश्वविद्यालय अनुदान आयोग तथा सीएसआईआर (CSIR) ने विज्ञान विषयों में इसी प्रकार की परीक्षाएँ आयोजित की हैं।

समान्य शिक्षा में अवर स्नातक पाठ्यक्रम को पुनः संरचना की योजना लागू की गई जिससे पाठ्यक्रमों को पर्यावरण के प्रति और अधिक संगत तथा रोजगार उन्मुख बनाया जा सके।

इन पाठ्यक्रम को आधुनिक बनाने इनकी पुनः संरचना करने तथा वैकल्पिक शैक्षणिक मॉडलों को विकसित करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों को कुछ विषयों में स्नातकोत्तर स्तर पर अतिरिक्त विषय आरंभ करने के लिए संगणक सुविधाएं प्रदान की है।

इस आयोग के द्वारा उच्च अध्ययन के लिए लगभग देश के 41 केंद्रों तथा विज्ञान इंजीनियरी तथा प्रौद्योगिकी के लिए विभिन्न विभागों को विशेष सहायता प्रदान की है।

विश्वविद्यालय आयोग समग्र साक्षरता के कार्यान्वयन के लिए विश्वविद्यालयों को अपने प्रोड़ सतत व विस्तार शिक्षा विभागों द्वारा सहायता प्रदान करता है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विश्वविद्यालयों को विजिटिंग प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए सहायता प्रदान करता है।

इस आयोग के द्वारा विश्वविद्यालयों की महिला अध्ययन में अनुसंधान के लिए सुस्पष्ट परियोजनाएँ शुरू करने तथा अपर स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर संगत विस्तार कार्यों में पाठ्यचर्या के विकास के लिए सहायता प्राप्त होती है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अल्पसंख्यक समुदायों में कमजोर वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग कक्षाओं के आयोजन में भी मदद करता है।

यह आयोग विश्वविद्यालयों में कॉलेजों में अनुसंधान के विकास के लिए विभिन्न विषयों में जूनियर अनुसंधान शिक्षक वृत्तियाँ देता है।

उत्कृष्ट योग्यता वाले शिक्षकों को अनुसंधान तथा लेखांकन कार्य में प्रवृत्त करने के लिए विशिष्ट अवधि हेतु राष्ट्रीय शिक्षावृत्तियाँ प्रदान करने का कार्य करता है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शिक्षा के लिए दिए गए समय का उपयोग करने तथा देशव्यापी कक्षा शीर्षक के उच्चतर शिक्षा में दूरदर्शन पर कार्यक्रमों को प्रसारित करने की पहल भी की है।

इस समय आयोग विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा केंद्रीय अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा संस्थान हैदराबाद में स्थित है। शैक्षिक साधन अनुसंधान केंद्रों को सहायता प्रदान कर रहा है। 

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कार्य Functions of University Grants Commission

  1. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का प्रमुख कार्य शिक्षा में सुधार करने के लिए राष्ट्रीय स्तर को अधिक मजबूत और उच्च बनाने के लिए विश्वविद्यालयों को सही सलाह देना होता है।
  2. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग शिक्षा से संबंधित विभिन्न प्रकार की समस्याओं को निपटाने के लिए तथा एक विशेषज्ञ संस्था के रूप में भारत सरकार को शिक्षा के मामले में परामर्श देता है, तथा सभी भारतीय विश्वविद्यालयों में शिक्षा के स्तर में समन्वय बनाए रखता है। 
  3. सभी भारतीय विश्वविद्यालयों को अपने कोष से सहायता राशि प्रदान करना तथा इस संबंध में नीतियों का निर्धारण करना विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का कार्य होता है।
  4. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नए विश्वविद्यालयों की स्थापना प्रचलित विश्वविद्यालयों के कार्य क्षेत्र में वृद्धि तथा विश्वविद्यालयों के संबंध में पूछे जाने पर अपने मत प्रकट करता है।
  5. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत सरकार तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों की समस्याओं को सुलझाने, शिक्षा के संबंध में उनकी शंकाओं को निपटाने में मदद करता है।
  6. इसका प्रमुख कार्य विश्वविद्यालय तथा उच्च शिक्षा को अधिक मजबूत तथा गुणवत्ता युक्त बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की उपयुक्त सामग्री को विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालय से ग्रहण करना तथा अपने विश्वविद्यालयों को भेजना होता है।
  7. भारतीय विश्वविद्यालयों में होने वाली परीक्षा, संचालित पाठ्यक्रम अनुसंधान से संबंधित आदि के संपर्क में सूचना प्राप्त करना भारतीय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का कार्य होता है।
  8. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत के सभी विश्वविद्यालयों की आर्थिक स्थिति की जांच करता है और केंद्र सरकार द्वारा उनको जो सहायता अनुदान राशि दी जाती है उनके संबंध में केंद्रीय सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपता है। 
  9. विश्वविद्यालय तथा विविध सेवाओं के लिए जो उपाधियाँ दी जाती हैं, उनके संबंध में भारत सरकार और राज्य सरकारों को सलाह देना विश्वविद्यालय अनुदान आयोग करता है।

दोस्तों इस लेख में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है कार्य (What is University Grants Commission its work) आदि के बारे में पढ़ा। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

इसे भी पढ़े:-

  1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968
  2. हंटर आयोग 1882

Post a Comment

और नया पुराने
close