थायराइड टेस्ट क्या होता है what is thyroid test

थायराइड टेस्ट क्या होता है

थायराइड टेस्ट क्या होता है what is thyroid test

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख थायराइड टेस्ट क्या होता है (What is thyroid test) में। दोस्तों यहाँ पर आप थायराइड टेस्ट TSH , T3, T4 के बारे में जानेंगे,

कि इनकी नॉर्मल रेंज क्या है, इनकी कमी से और अधिकता से क्या होता है आदि। तो आइये दोस्तों करते है, आज का यह लेख शुरू थायराइड टेस्ट क्या होता है:-

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थायराइड टेस्ट क्या होता है what thyroid test

थायराइड एक अंतः स्रावी ग्रंथि (Endocrine Gland) है, जो मनुष्य के गले में पाई जाती है, जब इस ग्रंथि के द्वारा स्रावित हार्मोन कम या अधिक मात्रा में स्रावित होते हैं

तब शरीर में विभिन्न प्रकार की मेटाबॉलिज फिजियोलॉजिकल क्रियाएँ प्रभावित होने लगती हैं। शरीर में कई अनियमितताऐं, बीमारियाँ उत्पन्न होने लगती हैं,

जैसे कि शरीर की अस्थियों में अनियंत्रित वृद्धि, पसीना बार-बार आना शारीरिक तथा मानसिक वृद्धि अनियंत्रित हो जाना, नाखून टूटना, बाल झड़ना स्वशन तथा

उपापचय से संबंधित विभिन्न प्रकार की अनियमितताएँ जब शरीर में होने लगती हैं तो उस स्थिति को थायराइड बीमारी कहते है,

इसलिए थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित होर्मोन्स का रक्त में स्तर जाँचने के लिए थायराइड टेस्ट कराया जाता है, क्योंकि इन सभी अनियमितताएँ का नियंत्रण थायराइड होर्मोन्स के द्वारा होता है।

थायराइड ग्रंथि जो अंतः स्रावी ग्रंथि के नाम से जानी जाती है यह गले में स्थित होती है, जहाँ से दो हारमोंस ट्राईआइडोथाइरोनिन (T3) तथा थायरोक्सिन (T4) निकलते है।

थायराइड टेस्ट में इन होर्मोन्स के लेवल की जांच की जाती है। इन होर्मोन्स तथा थायराइड ग्रंथि पर नियंत्रण का कार्य थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन Thyroid stimulating hormone (TSH) करता है,

जो पीयूष ग्रंथि से निकलता है, इसलिए थायराइड टेस्ट के अंतर्गत T3 ट्राईआइडोथाइरोनिन, T4 थायरोक्सिन, थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) होर्मोन्स के रक्त में लेवल की जाँच होती है, कि इन हारमोंस का लेबल रक्त में नॉर्मल है या फिर एबनॉर्मल है।

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थायराइड टेस्ट के प्रकार type of thyroid test

थायराइड टेस्ट (thyroid test type) निम्न तीन प्रकार के होते है:- 

थायराइड टेस्ट TSH Thyroid Test TSH 

थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) थायराइड ग्रंथि से नहीं निकलता है, यह हारमोंस मस्तिष्क में स्थित क्रैनियम में पाई जाने वाली अंतः स्रावी ग्रंथि पीयूष ग्रंथि (Pituitary gland) से निकलता है।

पिट्यूटरी ग्रंथि से निकलकर यह हारमोंस रक्त के जरिए थायराइड ग्रंथि तक पहुंचता है और थायराइड ग्रंथि से निकलने वाले हार्मोन पर नियंत्रण का कार्य करता है।

अगर पीयूष ग्रंथि से थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन का सीक्रेशन (Secretion) कम हो रहा है तो इसका असर थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन पर पड़ता है, जिससे शरीर में विभिन्न अनियमितताएँ उत्पन्न होने लगती हैं। 

थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन नार्मल रेंज Thyroid Stimulating Hormone Normal Range

थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन की नार्मल रेंज इन एडल्ट 0.4 - 4.0 mlu/L (milli-international units per liter) होती है, किन्तु अगर यह रेंज लेवल अधिक होती है तो थायराइड ग्रंथि से

निकलने वाले हार्मोन की मात्राए भी अनियमित हो जाती हैं और शरीर में विभिन्न प्रकार के रोग तथा हार्मोनल डिसीज (Hormonal Desiese) उत्पन्न होने लगती हैं। 

T3 ट्राईआइडोथाइरोनिन हार्मोन टेस्ट Triiodothyronine Hormone test 

ट्राईआइडोथाइरोनिन थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित होने वाला हार्मोन है, जो शरीर में होने वाली कई फिजियोलॉजिकल क्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यह शरीर की ग्रोथ, डेवलपमेंट बॉडी टेंपरेचर आदि को नियंत्रित करता है। थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) का टेस्ट कराने के साथ इसका भी टेस्ट कराया जाता है।

T3 ट्राईआइडोथाइरोनिन हार्मोन नार्मल रेंज T3 Triiodothyronine Hormone Normal Range

ट्राईआइडोथाइरोनिन T3 की नॉर्मल रेंज इन एडल्ट 100-200 ng/dL होती है, इससे कम T3 ट्राईआइडोथाइरोनिन हार्मोन होने पर शरीर में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएँ उत्पन्न होने लगती हैं।

T4 थायरोक्सिन हार्मोन टेस्ट Thyroxine hormone test

थायरोक्सिन हार्मोन जिसे T4 के नाम से भी जाना जाता है, यह थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन है। यह हार्मोन भी थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH)के द्वारा नियंत्रित होता है,

जो शरीर में विभिन्न प्रकार की क्रियाओं को नियंत्रित करने का कार्य करता है। रक्त में T4 थायरोक्सिन हार्मोन के लेवल को चेक करने के लिए T4 थायरोक्सिन हार्मोन टेस्ट कराया जाता है

T4 थायरोक्सिन हार्मोन नार्मल रेंज T4 Thyroxine Hormone Normal Range

t4 थायरोक्सिन हार्मोन नार्मल रेंज इन एडल्ट 5-12 ug/dl ( माइक्रोग्राम पर डेसीलीटर ) होता है। यदि रक्त में इससे अधिक थायरोक्सिन हार्मोन का लेवल या इससे कम होता है, तो शरीर में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएँ और बीमारियाँ उत्पन्न होने लगती हैं। 

हाइपोथॉयराडिज्म क्या है what is hypothyroidism

थायराइड ग्लैंड का कार्य थायरोक्सिन तथा ट्राईआइडोथाइरोनिन हार्मोन का निर्माण करना होता है, किंतु कुछ परिस्थितियाँ इस प्रकार से हो जाती हैं

कि थायराइड ग्लैंड इन हारमोंस का निर्माण ठीक प्रकार से नहीं कर पाती हैं अतः रक्त में थाइरोइड ग्रंथि से स्रावित हार्मोन का स्तर सामान्य से कम हो जाता है,

जिस स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) कहा जाता है। इस स्थिति में तनाव, टेंशन, वजन बढ़ना बाल झड़ना, त्वचा में रूखापन, ठंड लगना,

थकान महसूस होना, रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर का अनियंत्रित होना, गर्भवती अनियंत्रित होना महिलाओं की समस्या गर्भधारण तथा मासिक धर्म की समस्या आदि होती हैं। 

हाइपरथॉयराडिज्म क्या है what is hyperthyroidism

यह स्थिति उस समय उत्पन्न होती है, जब थायराइड ग्लैंड के द्वारा स्रावित होने वाले थायरोक्सिन हार्मोन और ट्राईआइडोथाइरोनिन हार्मोन सामान्य से अधिक मात्रा स्रावित होने लगते हैं

तब उस स्थिति में रक्त में हारमोंस की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है और इस स्थिति को हाइपरथाइरॉयडिज़्म (Hyperthyroidism) कहा जाता है।

इस स्थिति में घबराहट, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, अधिक पसीना आना, हड्डियों की बीमारियाँ, महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता, ह्रदय की गति आदि प्रभावित होने लगती हैं। 

थायराइड होर्मोन्स (TSH) बड़ने के लक्षण Symptoms of increased thyroid hormone (TSH)

यदि आपके शरीर में निम्न प्रकार की अनियमितताएँ दिखाई देती हैं, तो यह लक्षण थायराइड के हो सकते हैं:-

  1. मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना थायराइड की प्रमुख समस्या होती है अगर आपके रक्त में थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) सामान्य से अधिक है, तथा ट्राईआयडोथायरोनिन तथा थायरोक्सिन हार्मोन कम मात्रा में स्रावित हो रहा है, तो आपको मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द हो सकता है।
  2. अगर आपकी गर्दन में भारीपन, गर्दन में सूजन तथा गर्दन का बढ़ा हुआ भाग दिखाई देता है, तो यह थायराइड की समस्या हो सकती है इसलिए आप डॉक्टर से संपर्क करें।
  3. जब थायराइड हार्मोन कम या अधिक मात्रा में स्रावित होने लगते हैं, तब बालों का झड़ना, त्वचा में रूखापन आदि समस्याएँ देखी जा सकती हैं।
  4. महिलाओं में थायराइड के कारण विभिन्न प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं, महिलाओं में मासिक धर्म अनियमित या मासिक धर्म के दौरान पेट में दर्द या फिर गर्भधारण करने में दिक्कत आ रही है, तो यह थायराइड के लक्षण हो सकते हैं।
  5. शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर हाइपोथायराइड की स्थिति में बढ़ जाता है, जिससे मोटापे की समस्या, वजन बढ़ना आदि लक्षण देखने को मिलते हैं, किंतु हाइपरथायराइड की स्थिति में वजन सामान्य से कम हो जाता है, तथा कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सामान्य से कम होने लगती है।
  6. काम करते वक्त जल्दी थकान, उपापचय क्रियाऐं अनियंत्रित, घबराहट, अचानक चक्कर आ जाना आदि थायराइड बीमारी के लक्षण होते हैं।

दोस्तों आपने इस लेख में थायराइड टेस्ट क्या होता है (what is thyroid test) आदि पड़ा। आशा करता हुँ, आपको यह लेख पसंद आया होगा।

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  1. पैरा थायराइड ग्रंथि क्या है इसके होर्मोन्स
  2. एड्रिनल ग्रंथि क्या है इसके होर्मोन्स
  3. वृषण तथा अंडाशय के कार्य तथा होर्मोन्स




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