शैक्षिक नियोजन क्या है अर्थ उद्देश्य आवश्यकता what educational planning, meaning, aim, need

शैक्षिक नियोजन क्या है अर्थ उद्देश्य आवश्यकता what educational planning, meaning, aim, need


शैक्षिक नियोजन क्या है अर्थ उद्देश्य आवश्यकता what is educational planning meaning aim need 

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, आज के हमारे इस लेख शैक्षिक नियोजन क्या है अर्थ उद्देश्य और आवश्यकता (what educational planning, meaning, aim, and need) में।

दोस्तों इस लेख के माध्यम से आज आप शैक्षिक नियोजन के बारे में जानेंगे, कि शैक्षिक नियोजन क्या है?शैक्षिक नियोजन का अर्थ क्या है?

शैक्षिक नियोजन का उद्देश्य क्या है और शैक्षिक नियोजन की आवश्यकता क्यों होती है? तो आइए दोस्तों बढ़ते हैं, आज के इस लेख में शैक्षिक नियोजन क्या है:-

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020

शैक्षिक नियोजन क्या है what educational planning

शैक्षिक नियोजन दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है 'शैक्षिक' अर्थात शिक्षा और नियोजन अर्थात 'योजना' इसलिए कह सकते हैं,

कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए योजना बनाना ही शैक्षिक नियोजन (Educational Planning) कहलाता है।

साधारण भाषा में कह सकते हैं, कि शैक्षिक नियोजन सीमित संसाधनों की उपलब्धि के आधार पर तय किए गए सीमित शैक्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की योजना होती है।

शैक्षिक नियोजन में किसी भी शिक्षा से संबंधित तथ्य को प्राप्त करने के लिए योजनाएँ बनाई जाती हैं, जैसे कि शिक्षा के स्तर को किस प्रकार से सुधारा जा सके,

शिक्षा के पाठ्यक्रम में क्या-क्या सुधार बदलाव, शिक्षा का प्रचार-प्रसार किस प्रकार किया जाये आदि, जिनके परिणामस्वरूप समाज के सभी स्तर के लोगों को समान शिक्षा प्राप्त हो सके और वह शिक्षित होकर अपने देश तथा समाज का विकास कर सकें।

शैक्षिक नियोजन क्या है अर्थ उद्देश्य आवश्यकता

शैक्षिक नियोजन का अर्थ  educational planning meaning

शिक्षा सभी राष्ट्रों के व्यक्तियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि शिक्षा के द्वारा ही कोई राष्ट्र प्रगति के पथ पर अग्रसर रहता है।

इसीलिए प्रत्येक देश का यह सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य होता है, वह आने वाली पीढ़ी के लिए शिक्षा की समुचित व्यवस्था करें तथा शैक्षिक योजना बनाएं और ऐसी शैक्षिक योजना को तैयार करें

जिससे शिक्षा का स्तर हमेशा संख्यात्मक और गुणात्मक हो और समाज तथा राष्ट्र का विकास हो। अर्थात कह सकते हैं, कि शैक्षिक नियोजन के द्वारा ही शिक्षा को विकास की ओर ले जा सकते हैं,

इसलिए शैक्षिक नियोजन का अर्थ (educational planning meaning) जानना भी आवश्यक हो जाता है। शैक्षिक नियोजन का अर्थ होता है

देश में किसी भी सत्ता प्रमुख द्वारा शैक्षिक निर्णय करने की ऐसी क्रिया जिसमें समस्त शैक्षिक एवं आर्थिक व्यवस्था के व्यापक सर्वेक्षण के आधार पर यह निर्णय लिया जाता है,

कि शिक्षा प्रत्येक स्तर पर कैसे होनी चाहिए? कौनसी, कितनी तथा किस रूप में प्रदान की जानी चाहिए? एवं उसका प्रसार - प्राचार किन लोगों के बीच में किया जाना चाहिए?

क्योंकि शैक्षिक नियोजन राज्य सरकार और केंद्र सरकार की एक सुसंगठित एवं व्यवस्थित प्रक्रिया होती है, जो कुछ निश्चित उद्देश्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए लक्ष्य के रूप में स्थानीय स्वायत्त शासन

तथा राज्य सरकार या केंद्रीय शासन द्वारा नियंत्रित होती है। इसलिए शैक्षिक नियोजन का अर्थ शैक्षिक कार्यों को उस प्रकार की व्यवस्था देने से होता है,

जिसमें उपलब्ध संसाधनों एवं सामान का क्रमबद्ध उपयोग किया जाता है, जिसके फलस्वरूप देश के सभी वर्ग के लोगों को समान रूप से शिक्षा प्रदान की जा सके।

शैक्षिक नियोजन में उपलब्ध साधन और सामान का सबसे अधिक महत्व रहता है, क्योंकि इन्हीं साधन और सामग्री के आधार पर ही आर्थिक योजना में शिक्षा विकास का कार्यक्रम भी समन्वित कर लिया जाता है

और इसे शिक्षा का समग्र नियोजन के नाम से जाना जाता है। हमारी पंचवर्षीय योजना (Five year plan) में शिक्षा का इसी प्रकार का नियोजन किया गया था और विकास का एक महत्वपूर्ण

अंग बना लिया गया था। इससे स्पष्ट होता है, कि शैक्षिक नियोजन का अर्थ शैक्षिक विकास के लिए उपलब्ध साधनों और सामग्री का अधिकतम उपयोग करके निर्धारित समय में शैक्षिक लक्ष्यों

को प्राप्त करना होता है। शैक्षिक नियोजन में देश में आर्थिक साधनों के द्वारा देश की शैक्षणिक सुविधाओं और अवसरों को प्रदान करने तथा इस दिशा में आर्थिक साधनों का अधिकतम उपयोग करने का

माध्यम माना जाता है। अतः हैगमैन तथा स्कार्टज महोदय ने कहा है, कि नियोजन विकल्पों में से चयन करता है, यात्रा करने से पूर्व रास्ते का चयन करता है,

कार्य के संभावित या होने वाले परिणामों की कल्पना करता है और इसका संगठन किसी भी व्यक्ति के प्रति वांछित होता है। 

शैक्षिक नियोजन के उद्देश्य Aim of educational planning 

शैक्षिक नियोजन के रूप अनेक होते हैं, जैसे कि सामान्य रूप में साधन जुटाना हो सकता है, भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन करना,

शिक्षण के कार्यों को प्रोत्साहन तथा नई पीढ़ी के निर्माण हेतु उद्देश्यों का निर्धारण, बढ़ती जनसंख्या, जनशक्ति का उपयोग, परिस्थितियाँ, बाधाएं वैधानिक साधन आदि।

प्रशासनिक दृष्टि से शैक्षिक नियोजन के प्रमुख उद्देश्य निम्न प्रकार से हो सकते हैं:- 

  1. शिक्षा का विकास करने के लिए सभी साधनों को संगठित करना तथा निश्चित दिशा में उसका क्रियान्वयन करना।
  2. शिक्षा का स्वरूप इस प्रकार से तैयार करना जिससे देश की राजनीतिक और सामाजिक प्रगति हो सके।
  3. देश में सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, साहित्य के क्षेत्र में प्रगति के लिए शिक्षा की भूमिका को तैयार करना और उसे सही प्रकार से क्रियान्वित करना।
  4. शैक्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए शिक्षा प्रशासन में उपयोगी और आवश्यक परिवर्तन करना।
  5. विभिन्न शैक्षिक क्रियाओं, गतिविधियों, योजनाओं, प्रयासों आदि को प्रभावी रूप में गतिशील बनाना।
  6. जो शैक्षणिक सुविधाएँ वर्तमान में उपलब्ध है, उन सभी शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति की क्षमता का निर्धारण करना।
  7. शिक्षा के क्षेत्र में अवसर की समानता के सिद्धांत के आधार पर प्रत्येक नागरिक को शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराना।
  8. देश की विभिन्न शैक्षिक आवश्यकताओं के आधार पर शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना और उसे नियोजित करना।
  9. शिक्षा के विकास हेतु वित्तीय साधनों का सर्वेक्षण करना, उनका मूल्यांकन करना तथा बजट के अनुसार वित्तीय साधनों को निर्धारित करके शैक्षिक विकास के लिए योजना तैयार करना।

शैक्षिक नियोजन की आवश्यकता Need of educational planning 

किसी भी देश में जो भी शिक्षा के सीमित संसाधन हैं, उन संसाधनों का समुचित उपयोग करके शिक्षा के क्षेत्र में विकास करना ही शैक्षिक नियोजन कहलाता है,

और शिक्षा ही किसी भी राष्ट्र की प्रगति का कारण होती है। अतः शैक्षिक नियोजन की आवश्यकता प्रत्येक राष्ट्र में होती है, क्योंकि शिक्षा के आधार पर ही सभी राष्ट्र प्रगति करते हैं

और अपने समाज तथा देश का विकास करते हैं इसलिए शैक्षिक नियोजन की आवश्यकता प्रत्येक राष्ट्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होती है।

कियोकि शैक्षिक नियोजन के आधार पर ही किसी भी प्रकार के शैक्षिक लक्ष्य को पाना आसान हो जाता है। इसलिए प्रत्येक देश का यह आवश्यक कर्तव्य हो जाता है, कि वह अपने देश में आने वाली

पीढ़ी के लिए शिक्षा की उचित व्यवस्था करें और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर संख्यात्मक और गुणात्मक विकास उत्पन्न करें।

इसीलिए शैक्षिक नियोजन राज्यों की सुसंगठित एवं सुव्यवस्थित प्रक्रिया मानी जाती है, जो कुछ निश्चित उद्देश्यों को निर्धारित किए गए समय में पूरा करने के लिए स्थानीय स्वायत शासन,

राज्य सरकार या केंद्र शासन के द्वारा नियंत्रित तथा क्रियान्वित की जाती है, ताकि देश में प्रत्येक वर्ग के नागरिकों को प्रत्येक स्तर पर समान

शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो सके तथा व्यक्ति अपना विकास और समाज का विकास के साथ ही देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

दोस्तों इस लेख में आपने शैक्षिक नियोजन क्या है (what educational planning) शैक्षिक नियोजन का अर्थ शैक्षिक नियोजन के उद्देश्य तथा आवश्यकता पड़ी आशा करता हूं आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।




इसे भी पढ़े:-

  1. शैक्षिक नियोजन के प्रकार
  2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986
  3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968


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