हीमोग्लोबिन टेस्ट इन हिंदी Heamoglobin test in hindi

हीमोग्लोबिन टेस्ट इन हिंदी

हीमोग्लोबिन टेस्ट इन हिंदी Heamoglobin test in hindi

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख हीमोग्लोबिन टेस्ट इन हिंदी में (Heamoglobin test in hindi)। दोस्तों इस लेख के माध्यम से आप हीमोग्लोबिन टेस्ट क्या है,

हीमोग्लोबिन नार्मल रेंज, हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण के साथ आदि कई महत्वपूर्ण तथ्य के बारे में जान पाएंगे तो आइए दोस्तों करते हैं आज का यह लेख शुरू हीमोग्लोबिन टेस्ट इन हिंदी:-

थायराइड टेस्ट क्या है

हीमोग्लोबिन टेस्ट क्या है What is Heamoglobin

हीमोग्लोबिन क्या है - हीमोग्लोबिन स्तनधारियों का श्वशन वर्णक (Repiration pigment) हैं, कियोकि यह ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न भागों में पहुँचाने का कार्य करता है।

हीमोग्लोबिन दो भागों से निर्मित है, पहला है 'हीम' जिसका अर्थ है "लोहा" अर्थात हीम भाग लोहा (Iron) धातु से मिलकर बना है, जबकि दूसरा भाग ग्लोबिन जो एक तरह की प्रोटीन है।

इस प्रकार हीमोग्लोबिन लोहा और प्रोटीन से मिलकर बना होता है। हीमोग्लोबिन का निर्माण एक प्रोटीन ग्लोबिन 96 प्रतिशत तथा एक रंजक हीम 4 प्रतिशत के मिलने से होता है,

जिसमें हीम अणु के केंद्र में लोहा आयरन होता है, जो ऑक्सीजन (Oxigen) को बांधने और मुक्त करने की क्षमता रखता है। हीमोग्लोबिन के पास विशेष प्रकार की शक्ति पायी जाती है,

जिससे यह ऑक्सीजन के साथ बंध बना लेता है जिसे ऑक्सीहीमोग्लोबिन (Oxiheamoglobin) कहते है। हीमोग्लोबिन का कार्य ऑक्सीजन को फेफड़ों से शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाना है।

हीमोग्लोबिन की मात्रा एक स्वस्थ व्यक्ति मे लगफग 100ml रक्त मे 15 ग्राम तक होती है। हीमोग्लोबिन की सामान्य मात्रा से कम रक्त में होती है तो उस स्थिति में विभिन्न प्रकार की परेशानियां उत्पन्न होने लगती हैं

अतः इसीलिए हीमोग्लोबिन का टेस्ट कराया जाता है अर्थात साधारण भाषा में कहा जा सकता है कि रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा स्थिति पता करने के लिए हीमोग्लोबिन टेस्ट कराया जाता है।

हीमोग्लोबिन टेस्ट इन हिंदी

HB का फुल फॉर्म HB full form in Hindi

HB फुल फॉर्म - हीमोग्लोबिन एक ऐसा पिगमेंट होता है, जो रक्त का रंग लाल करता है, तथा यह मुख्य रूप से इसमें पाई जाने वाली कणिकाएँ, लाल रक्त कणिकाओं (RBC) में पाया जाता है।

हीमोग्लोबिन मुख्य रूप से दो प्रकार के पदार्थों से मिलकर बना होता है, हीम और ग्लोबिन इसलिए HB का फुल फॉर्म हीमोग्लोबिन होता है, जिसमें H का अर्थ होता हीम तथा B अर्थ होता है ग्लोबिन प्रोटीन और इन दोनों का संयुक्त रूप होता है हिमोग्लोबिन। 

हीमोग्लोबिन टेस्ट प्रोसीजर Heamoglobin test procedure

रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा का निर्धारण करने के लिए हीमोग्लोबिन टेस्ट किया जाता है। हीमोग्लोबिन टेस्ट दो प्रकार से होता है, मैन्युअल तरीके से और ऑटोमेटिक तरीके से।

मैनुअल तरीके से हीमोग्लोबिन टेस्ट के लिए आपके पास हीमोसाइटोमीटर, हीमोपिपेट, N/10 सॉल्यूशन, डिस्टिल्ड वॉटर आदि आवश्यक उपकरण होने चाहिए। यह विधि साहली की अम्ल हीमेटीन विधि के नाम से जानी जाती है,

जबकि दूसरा मेथड ऑटोमेटिक मेथड होता है, जिसमें मशीन के द्वारा हीमोग्लोबिन टेस्ट किया जाता है, जो आमतौर पर बड़ी-बड़ी लैब में तथा बड़े-बड़े हॉस्पिटलों में उपयोग में लाई जाती है। 

हीमोग्लोबिन नार्मल रेंज Heamoglobin normal range

मनुष्य के रक्त में हीमोग्लोबिन की नार्मल रेंज उनके आयु के अनुसार बदलती रहती है, जिसे निम्न प्रकार से बताया गया है:-

जन्म के समय हीमोग्लोबिन की नार्मल रेंज 
13.5 से 24.0 g/dl
जन्म के 2 महीने तक हिमोग्लोबिन की नार्मल रेंज
10.0 से 20.0 g/dl
छै: महीने तक के बच्चों के लिए हीमोग्लोबिन नार्मल रेंज 
9. 5 से 14.05 g/dl
दो साल तक के बच्चों के लिए हीमोग्लोबिन नार्मल रेंज
10.5 से 13.5 g/dl
छै: साल तक के बच्चों के लिए हिमोग्लोबिन नार्मल रेंज
11.5 से 13.5 g/dl
बारह साल तक के बच्चों के लिए हीमोग्लोबिन नार्मल रेंज
11.5 से 15.5 g/dl
अट्ठारह साल तक की महिलाओं के लिए हीमोग्लोबिन नार्मल रेंज
12.0 से 16.0 g/dl
अट्ठारह साल तक के पुरुषों के लिए हीमोग्लोबिन नार्मल रेंज
13.0 से 16.0 g/dl
अट्ठारह साल से अधिक महिलाओं के लिए हीमोग्लोबिन नार्मल रेंज 
12.0 से 15.0 g/dl
अट्ठारह साल से अधिक पुरुषों के लिए हीमोग्लोबिन नार्मल रेंज
13.5 से 17.5 g/dl

हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण Symptoms of low hemoglobin

मनुष्य की शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी विभिन्न प्रकार के कारणों के द्वारा होती है जैसे कि खाना में पर्याप्त मात्रा में आयरन ना लेना, गर्भवती महिलाओं में प्रेगनेंसी के कारण हीमोग्लोबिन का कम होना,

मासिक धर्म के दौरान ब्लीडिंग के कारण हीमोग्लोबिन का कम होना, जंक फूड फास्ट फूड का अधिक सेवन करने से मनुष्य के शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने लगते हैं जिसके निम्न प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं:-

मनुष्य के शरीर में सामान्य से कम हीमोग्लोबिन हो जाता है तब मनुष्य एनीमिया (Anemia) नामक रोग से ग्रसित हो जाता है, अर्थात हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया नामक रोग होता है,

जिसमें रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा सामान्य मात्रा से कम हो जाती है। मनुष्य के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होने से मनुष्य में जल्दी ही थकान, तनाव, टेंशन आदि लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन के साथ जुड़कर ऑक्सिहिमोग्लोबिन बनाता है, अर्थात हीमोग्लोबिन ही शरीर के समस्त भागों में ऑक्सीजन की पूर्ति करता है।अगर रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी होती है,

तो शरीर के अन्य भागों में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, तथा कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है, जिसके कारण सांस लेने में तकलीफ होना सिर में दर्द होना लक्षण दिखाई देते हैं।

हीमोग्लोबिन की कमी के कारण चक्कर आ जाना, शरीर बिल्कुल सुस्त पड़ जाना, शरीर में ऊर्जा ना रहना, हाथ पैर ठंडे पढ़ना आदि लक्षण भी देखे जाते हैं।

अगर रक्त में हीमोग्लोबिन सामान्य मात्रा से बहुत ही अधिक कम है, तो हृदय संबंधी बीमारियाँ, किडनी, लीवर संबंधी बीमारियाँ भी मनुष्य को होने लगती हैं।

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय ways to increase hemoglobin

हीमोग्लोबिन के शरीर में विभिन्न कार्य होते हैं, किंतु इसका सबसे बड़ा कारण होता है शरीर के विभिन्न भागों को ऑक्सीजन की आपूर्ति कराना। शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होती है,

तो शरीर के विभिन्न भागों में ऑक्सीजन की सही मात्रा नहीं पहुँच पाती तथा विभिन्न प्रकार के लक्षण और बीमारियाँ उत्पन्न होने लगती हैं, इस स्थिति में शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय निम्न प्रकार से किए जा सकते हैं:-

  1. हीमोग्लोबिन का मुख्य अवयव आयरन (Iron) होता है, इसलिए शरीर में अगर हीमोग्लोबिन की मात्रा कम है, तो आपको हीमोग्लोबिन की कमी पूरी करने के लिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिसमें आप हरी पत्ती वाली सभी सब्जियाँ, पालक आदि का उपभोग कर सकते हैं।
  2. गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करने के लिए उन्हें आयरन टेबलेट (Iron Tablet) का उपयोग करने के लिए सलाह दी जाती है, इससे भी हीमोग्लोबिन की कमी पूरी होती है। 
  3. गुंड, गुंड की चाय, खजूर, बादाम, किसमिस आदि भी आयरन के पर्याप्त स्रोत होते हैं, इनका सेवन सुबह शाम करते रहना चाहिए जिससे शरीर में हीमोग्लोबिन की पूर्ति ठीक से हो जाती है।
  4. माँस, मछली, दूध,अंडे का सेवन करना भी हिमोग्लोबिन की कमी को पूरा करने के लिए लाभदायक होते हैं।
  5. खाद्य पदार्थों का उपयोग करने के साथ अपनी दिनचर्या को भी उत्तम बनाना चाहिए, ठीक प्रकार से नींद लेना चाहिए सही समय पर खाना खाना चाहिए तथा अपनी लाइफ में योग, व्यायाम, जोगिंग आदि का भी समावेश करने से हीमोग्लोबिन की कमी पूरी होती है 
  6. अगर शरीर में अधिक हीमोग्लोबिन की कमी है और पूरा नहीं हो पा रही है, तो आपको कुछ परहेज भी करना होगा जैसे कि शराब, कोल्ड्रिंक्स, फास्ट फूड आदि का सेवन बहुत ही कम और बंद कर देना चाहिए। तथा डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 

दोस्तों आपने इस लेख में हीमोग्लोबिन टेस्ट इन हिंदी (Heamoglobin test in hindi) के साथ अन्य तथ्यों के बारे में पढ़ा। आशा करता हुँ, आपको यह लेख पसंद आया होगा।

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