सीसी मक्खी क्या है जानकारी What is cc fly information

सीसी मक्खी क्या है जानकारी

सीसी मक्खी क्या है जानकारी What is cc fly information

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख सीसी मक्खी क्या है? जानकारी में। दोस्तों यहाँ पर आप सीसी मख्खी का वर्गीकरण

के साथ ही सीसी मक्खी का जीवन चक्र, रोग तथा बचाव के उपाय जान सकेंगे। तो आइये दोस्तों शुरू करते है, यह लेख सीसी मक्खी क्या है? जानकारी:-

सीसी मक्खी क्या है What is cc fly

सीसी मक्खी संघ आर्थ्रोपोडा के वर्ग इनसेक्टा के अंतर्गत आने वाला कीट है, जो सबसे अधिक अफ्रीका महाद्वीप में पाया जाता है।

यह कीट एक बाह्य परजीवी होता है जो स्तनधारियों का रक्त पीता है। इसके कारण ही निद्रा रोग स्लीपिंग सिकनेस (Sleeping Sickness) बीमारी हो जाती है। सीसी मक्खी ट्रिपेनोसोमा गेम्बियस का द्वीतीयक पोषक है,

जब यह स्तनधारियों का रक्त चूसती है, तब ट्रिपेनोसोमा गेम्बियस रक्त में प्रवेश कर जाता है तथा मस्तिष्क और स्पाइनल कॉर्ड को प्रभावित करता है जिससे निद्रा रोग उत्पन्न हो जाता है। 

सीसी मक्खी का वर्गीकरण Classification of cc fly

फाइलम (Phylum) - आर्थ्रोपोडा (Arthropoda)
वर्ग (Class) - इन्सेक्टा (Insecta)
गण (Order) - डिप्टेरा (Diptera)
वंश (Genus) - ग्लोसीना (Glossina)
प्रजाति (Species) - पाल्पेलिस (Palpelis)

सीसी मक्खी का वितरण Distribution of cc fly 

सीसी मक्खी दक्षिण अफ्रीका के लगभग सभी क्षेत्रों में पाई जाने वाली कीट है, किन्तु इनकी संख्या सर्वाधिक सहारा और कालाहरी मरुस्थल के मध्य अफ्रीका में पायी जाती है। 

सीसी मक्खी का स्वभाव एवं आवास Nature and habitat of the cc fly

सीसी मक्खी सभी स्तनधारियों जैसे कि मनुष्य, भेड़, बकरियाँ, कुत्ते, गाय, बैल, भैंस सभी का रक्त चूसती है।रक्त ही इनका आहार होता है, इसके साथ ही यह छोटे-मोटे कीड़ों मकोड़ों को भी खाती हैं।

सीसी मक्खी के रहने के लिए उपयुक्त स्थल गर्म छायादार दोनों ही होते हैं। सीसी मख्खी गर्म स्थानों पर और छायादार नम स्थानों पर रहने के लिए

अनुकूलित होती हैं। इसके साथ ही यह दोनों परिस्थितियों में प्रजनन भी कर सकती हैं। सीसी मक्खी मुख्य रूप से जंगलों में पाई जाती हैं।

बाह्य संरचना External structure

सीसी मक्खी घरों में पाई जाने वाली मक्खी से विभिन्न प्रकार की समानताऐं प्रदर्शित करती है किंतु सीसी मक्खी के मुख भेदने और चूसने प्रकार के होते हैं।

सीसी मक्खी का सिर गोल तथा उस पर संयुक्त नेत्र पाए जाते है। इनके मुख पर उपाँग होते है जिन्हे मुखाँग कहते है, इसके द्वारा मक्खी रक्त चूसने का कार्य करती है।

सीसी मक्खी का जीवन चक्र CC fly life cycle

सीसी मक्खी का जीवन चक्र सरल प्रकार का होता है सबसे पहले यह अंडे देती है और अंडों का परिवर्धन अपने गर्भाशय में ही करती है।

इसके अंड़ों से लार्वा निकलता है और यह लार्वा एक - एक की संख्या में जमीन पर छायादार स्थलों पर जन्म लेता है।

इसके बाद यह लार्वा पोली जमीन के अंदर घुस जाता है तथा अंदर घुसने पर लार्वा प्यूपा अवस्था में परिवर्तित हो जाता है और लगभग 30 दिनों के बाद यह प्यूपा पूर्ण रूप से वयस्क में परिवर्तित हो जाता है। 

सीसी मक्खी द्वारा रोग Disease by cc fly

सीसी मक्खी एक प्रोटोजोआ का द्वितीय पोषक होता है जिसका नाम ट्रिपेनोसोमा गेम्बियस होता है। जब यह सीसी मक्खी मनुष्य तथा अन्य स्तनधारियों का रक्त चूसती है,

तभी यह प्रोटोजोआ मनुष्य के रक्त में प्रवेश कर जाता है तथा रक्त के द्वारा मस्तिष्क और स्पाइनल कॉर्ड में पहुंचकर संक्रमण उत्पन्न कर देता है

तथा एक भयानक प्रकार की बीमारी केंद्रीय अफ्रीकन निद्रा रोग अर्थात गेम्बियन बुखार कहा जाता है, उत्पन्न होने लगता है। जिसे साधारणतया निद्रा रोग (Sleeping Sickness) कहा जाता है। 

बचाव एवं नियंत्रण Rescue and control

इस रोग से बचने के लिए सबसे पहले सीसी मख्खी के लार्वा प्रजनन स्थलों को नष्ट करना बहुत जरूरी है।

सीसी मक्खी के नियंत्रण के लिए एक विशेष प्रकार के चिपचिपे पेपर का उपयोग भी किया जाता है।

वयस्क मक्खी को फ्लाइट्रेप के द्वारा भी नियंत्रित किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में रासायनिक पदार्थ युक्त चारे का उपयोग होता है, जब मख्खी इसकी तरफ आकर्षित होती है और इसे खाती है तब यह मर जाती है। 

दोस्तों आपने यहाँ सीसी मक्खी क्या है? जानकारी पड़ी। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा। 

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