नाइट्रोजन स्थिरीकरण किसे कहते है महत्त्व

नाइट्रोजन स्थिरीकरण किसे कहते है महत्त्व what is nitrogen fixation? and importence 

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, आज के हमारे इस लेख नाइट्रोजन स्थिरीकरण किसे कहते हैं इसके महत्व में। दोस्तों इस लेख के माध्यम से आप नाइट्रोजन स्थिरीकरण के बारे में जान पाएंगे

कि नाइट्रोजन स्थिरीकरण क्या है? और क्यों होता है? तथा किस प्रकार से होता है? तो आइए दोस्तों शुरू करते हैं,आज का यह लेख नाइट्रोजन स्पष्टीकरण क्या है तथा इसका महत्व:- 

पादप जगत का वर्गीकरण

नाइट्रोजन स्थिरीकरण किसे कहते है what is nitrogen fixation

नाइट्रोजन मेंडलीफ की आवर्त सारणी  (Mendeleev's periodic table) के P ब्लॉक में स्थित एक गैसीय तत्व होता है। जिसका परमाणु क्रमांक 7 संयोजकता -3 होती है।

नाइट्रोजन गैस वायुमंडल में लगभग 78% तक उपलब्ध रहती है। किंतु इस नाइट्रोजन गैस का उपयोग पौधों के द्वारा तथा अन्य रासायनिक अभिक्रिया में नहीं हो पाता है। रासायनिक अभिक्रिया में नाइट्रोजन गैस का निर्माण कई विधियों के द्वारा होता है,

किन्तु पेड़ पौधों में वायुमंडल की नाइट्रोजन का कोई भी उपयोग नहीं हो पाता है। क्योंकि पेड़ पौधे वायुमंडल में उपस्थित स्वतंत्र नाइट्रोजन को ग्रहण करने की क्षमता नहीं रखते।

किंतु पेड़ पौधे नाइट्रोजन को उसके यौगिक (Compound of nitrogen) नाइट्रेट (NO3) या नाइट्राइट (NO2) के रूप में ग्रहण कर सकते हैं। इसलिए वायुमंडल की स्वतंत्र नाइट्रोजन गैस को नाइट्रोजन के यौगिक नाइट्रेट

और नाइट्राइट में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को नाइट्रोजन स्थिरीकरण (nitrogen fixation) कहा जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप पेड़ पौधे नाइट्रोजन के यौगिकों को ग्रहण करके नाइट्रोजन की कमी को पूरा करते हैं। 

नाइट्रोजन स्थिरीकरण की विधियाँ Methods of nitrogen fixation

नाइट्रोजन का स्थिरीकरण निम्न दो प्रकार की विधियों के द्वारा होता है:-  

प्राकृतिक विधि Natural method

नाइट्रोजन स्थिरीकरण की प्राकृतिक विधि में मनुष्य का किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होता। इस विधि में लेग्युमिनस फैमिली (Leguminous family) के पेड़ पौधों की जड़ों में विशेष प्रकार की गांठे पाई जाती हैं, और इन गांठों के पास ही कुछ

सहजीवी जीवाणु जिन्हे साइनोबैक्टीरिया, राईबोजियम जीवाणु कहा जाता है पाए जाते हैं। यह जीवाणु ही वायुमंडल में उपस्थित स्वतंत्र नाइट्रोजन गैस को ग्रहण करते हैं और उसको नाइट्रोजन के यौगिक नाइट्रेट में परिवर्तित कर देते हैं।

नाइट्रोजन से नाइट्रेट बनी  नाइट्रोजन मिट्टी में चली जाती है जहाँ पर पेड़ पौधे नाइट्रोजन का अवशोषण करते हैं, और प्रोटीन संश्लेषण तथा कई जैविक क्रियाओं में उपयोग करते हैं।

जब इन पेड़ पौधों को काट दिया जाता है, तो इनके कुछ अवशेष मिट्टी में ही रह जाते हैं, परिणाम स्वरूप उस मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा अधिक होती है और मिट्टी उपजाऊ बन जाती है।  

विद्युत विसर्जन द्वारा By electric immersion Method 

नाइट्रोजन स्थिरीकरण की इस घटना को भी प्राकृतिक घटना कहा जा सकता है। क्योंकि इस घटना में भी मनुष्य का किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होता।

जब बरसात का मौसम आता है, तो विद्युत विसर्जन की क्रिया होने लगती है उस स्थिति में वायुमंडल में उपस्थित नाइट्रोजन गैस ऑक्सीजन गैस के साथ क्रिया करती है

और नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) का निर्माण कर लेती है। अब यह नाइट्रिक ऑक्साइड ऑक्सीजन से फिर क्रिया करती है, जिससे नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) का निर्माण हो जाता है।

अब यह नाइट्रोजन डाइऑक्साइड बरसात के जल से क्रिया करती है और नाइट्रिक ऑक्साइड (HNO3) तथा नाइट्रस ऑक्साइड (HNO2)  में बदल जाती है। जो बरसात के साथ जमीन पर गिरने लगता है।

नाइट्रिक ऑक्साइड और नाइट्रस ऑक्साइड मिट्टी में उपस्थित क्षारीय पदार्थ जैसे कि चूना आदि से क्रिया करता है तथा नाइट्रेट में बदल जाता है। इस प्रकार से मिट्टी में फिर से नाइट्रेट और नाइट्राइट की अधिकता हो जाती है और मिट्टी उपजाऊ हो जाती है। 

विनाइट्रीकरण किसे कहते है what is denitrification

यह वह प्रक्रिया है जिसमें नाइट्रोजन वातावरण में फिर से मुक्त हो जाती है। नाइट्रोजन स्थिरीकरण के फलस्वरूप नाइट्रोजन जब पेड़ पौधों के द्वारा अवशोषित कर ली जाती है,

और प्रोटीन और न्यूक्लिक अम्ल का निर्माण होता है जिसे मनुष्य तथा विभिन्न जीव जंतु ग्रहण करते हैं। जिससे मनुष्य में नाइट्रोजन युक्त खाद्य पदार्थ तथा यौगिक पहुँच जाते हैं.

जब मनुष्य तथा अन्य जीव-जंतुओं की मृत्यु हो जाती है तब कुछ जीवाणु सड़े गले पेड़-पौधे जीव जंतुओं के मृत अवशेष से नाइट्रोजन को विमुक्त कर देते हैं, जो पुनः वायुमंडल में पहुँच जाती है, इस प्रक्रिया को विनाइटीकरण कहा जाता है।  

विनाइट्रीकरण जीवाणु का नाम Name of denitrification bacterium

विनाइट्रीकरण प्रक्रिया के द्वारा वायुमंडल में नाइट्रोजन फिर से मुक्त हो जाती है। इस प्रक्रिया में कई जीवाणु भाग लेते हैं,

जिनमें प्रमुख रूप से स्युडोमोनास डिनाइट्रीफीकेन्स (Pseudomonas denitrificans) माइक्रोकोकस डिनाइट्रीफीकेन्स (Micrococcus denitrificans) महत्वपूर्ण जीवाणु है। 

नाइट्रोजन स्थिरीकरण का महत्त्व Importance of nitrogen fixation

नाइट्रोजन का सबसे बड़ा महत्व है, कि नाइट्रोजन स्थिरीकरण होने के कारण पेड़ पौधों में नाइट्रोजन की मात्रा से प्रोटीन का निर्माण होने लगता है तथा पौधों को पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हैं।

नाइट्रोजन स्थिरीकरण होने के कारण मृदा में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है इसलिए किसी भी प्रकार की नाइट्रोजन युक्त खाद का उपयोग नहीं करना पड़ता है।

नाइट्रोजन स्थिरीकरण प्रक्रिया से मृदा में महत्वपूर्ण तत्व पहुँच जाते हैं और फसलों का उत्पादन अत्यधिक मात्रा में होता है।

पेड़ पौधे नाइट्रोजन का उपयोग करके अमीनो अम्ल डीएनए तथा आरएनए न्यूक्लिक एसिड का विकास नं निर्माण करते है, जो अनुवांशिक लक्षणों को पीढ़ी दर पीढ़ी पहुंचाने का कार्य करते हैं।

दोस्तों इस लेख में आपने नाइट्रोजन स्थिरीकरण किसे कहते है इसका महत्त्व तथा विधियों के बारे में पड़ा। आशा करता हुँ आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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