टेरिडोफाइटा के मुख्य लक्षण Main Characteristics of Pteridophyta

टेरिडोफाइटा के मुख्य लक्षण

टेरिडोफाइटा के मुख्य लक्षण Main characteristics of Pteridophyta

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, आज के इस लेख टेरिडोफाइटा के मुख्य लक्षण में। दोस्तों इस लेख के द्वारा आप

टेरिडोफाइटा क्या है, टेरिडोफाइटा के आर्थिक महत्व आदि के बारे में भी जान पायेंगे। तो आइये दोस्तों करते है यह लेख शुरू टेरिडोफाइटा के मुख्य लक्षण:-

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टेरिडोफाइटा के मुख्य लक्षण

टेरिडोफाइटा क्या है what is Pteridophyta

टेरिडोफाइटा पादप जगत का एक वर्ग है जिसमें उन पादपों को रखा गया है, जिनमें पुष्पों का निर्माण तो नहीं होता किंतु संवहन ऊतक उपस्थित होते हैं।

संवहन ऊतक के द्वारा ही शरीर के संपूर्ण भागों में जल, खनिज लवण और भोजन का संवहन होता है। टेरिडोफाइटा पादप वर्ग के पादपों का शरीर जड़, तना और पत्ती में विभक्त होता है।

प्राचीन काल में टेरिडोफाइटा एक बहुत बड़ा पादप वर्ग हुआ करता था जिसके बड़े-बड़े वृक्ष होते थे।

किंतु वे धीरे-धीरे लुप्त होते गए और यह छोटे-छोटे बच्चे पादप ही अभी पाए जाते हैं। वर्तमान में टेरिडोफाइटा की 6000 प्रजातियाँ ज्ञात है। 

टेरिडोफाइटा के मुख्य लक्षण Main characteristics of Pteridophyta

टेरिडोफाइटा के कुछ सामान्य लक्षण निम्न प्रकार से हैं:- 

  1. टेरिडोफाइटा प्रजाति के वृक्षों का शरीर जड़, तना और पत्ती में विभाजित होता है। किन्तु कुछ पादपों में यह संरचनाएँ विकसित होती है, जबकि कुछ पादपों में अल्प विकसित होती हैं।
  2. टेरिडोफाइटा पादप वर्ग के ऊतक अधिक विकसित नहीं होते हैं। जबकि कुछ पादपों में जड़े पूरी तरह से अनुपस्थित होती है।
  3. टेरिडोफाइटा पादप वर्ग के पौधों में पुष्प और बीजों का पूरी तरह से आभाव होता है।
  4. इनमें संवहन ऊतक जाइलम और फ्लोएम होते हैं, जो खनिज लवण, जल और भोजन का संवहन करते हैं।
  5. टेरिडोफाइटा वर्ग का मुख्य पौधा बीजाणुभिद होता है, जो जड़, तना, तथा पत्ती में विभक्त रहता है।
  6. बीजाणुभिद में बीजाणु विशेष संरचना बीजाणुधनियों में बनते है।
  7. बीजाणुधनियों का निर्माण जिन पत्तियों पर होता है, उस पत्ती को बीजाणुपर्ण कहा जाता है।
  8. युग्मोदभिद पौधे पर नर और मादा जननांग होते है, नर जननांग को पुंधानी तथा मादा जननांग को स्त्रीधानी के नाम से जाना जाता है।
  9. टेरिडोफाइटा के पौधों में निश्चित पीढ़ी एकांतरण होता है और जाइगोट में जाइगोस्पोर का निर्माण होता है।

टेरिडोफाइटा के आर्थिक महत्व Economic importance of Pteridophyta

टेरिडोफाइटा का आर्थिक दृष्टि से मनुष्य के लिए कुछ खास महत्व नहीं है। किंतु कुछ पौधे निम्न प्रकार से आर्थिक महत्त्व प्रदर्शित करते हैं:-

टेरिडियम जैसे टेरिडोफाइटा का उपयोग मवेशियों के चारे के रूप में किया जाता है, जो विभिन्न पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

कुछ टेरिडोफाइट्स मेजो पर सजावट के रूप में भी उपयोग किए जाते हैं। क्योंकि इनमें पुनर्जीवन का गुण होता है। जैसे कि सिलेजिनेला

लाइकोपोडियम के बीजाणु का उपयोग विभिन्न प्रकार की दवाइयों के निर्माण में किया जाता है।

कुछ टेरिडोफाइटा का उपयोग सब्जी के रूप में भी होता है। जैसे की मरसीलिया, सिरेटोप्टेरिस आदि।

दोस्तों इस लेख में आपने टेरिडोफाइटा के मुख्य लक्षण तथा आर्थिक महत्त्व पढ़े। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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