अमीबा के लक्षण एवं वर्गीकरण

अमीबा के लक्षण एवं वर्गीकरण Characteristics and classification of amoeba

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, आज के हमारे इस लेख अमीबा के लक्षण तथा वर्गीकरण में।

दोस्तों इस लेख के द्वारा आप अमीबा के लक्षण वर्गीकरण तथा सामान्य लक्षणों के बारे में जानेंगे। तो आइए दोस्तों पढ़ते हैं यह लेख अमीबा के लक्षण एवं वर्गीकरण:- 

अमीबा के लक्षण एवं वर्गीकरण

अमीबा किसे कहते हैं what is amoeba

अमीबा संघ प्रोटोजोआ के अंतर्गत आने वाला एककोशिकीय जीव होता है। जिसे नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता।

अमीबा को सूक्ष्मदर्शी में देखने पर अमीबा का रंग पारदर्शी दिखाई देता है। अमीबा जेली के समान होता है किंतु इसकी संरचना अनियमित होती है।

अमीबा एक रोग कारक परजीवी है, जो विभिन्न प्रकार के रोग जीवो में तथा वनस्पतियों में उत्पन्न करता है। सबसे पहले अमीबा की खोज 1755 में रसेल बोन रोशेनहोफ ने की थी। तथा इनका नाम लघु प्रोटीओस दिया था।

संघ प्रोटोजोआ

अमीबा का वर्गीकरण  Classification of amoeba

अमीबा एककोशिकीय रोगकारक प्रोटोजोन्स होता है, जिसका वर्गीकरण निम्न प्रकार से है:-

वर्गीकरण Classification

  1. फाइलम ( Phylum ) - प्रोटोजोआ ( Protozoa )
  2. सब-फाइलम ( Subphylum ) - प्लाज्मोड्रोमा ( Plasmodroma )
  3. वर्ग ( Class ) - राइजोपोडा ( Rhizopoda )
  4. गण ( Order ) - लोबोसा ( Lobosa )
  5. वंश ( Genus ) - अमीबा ( Amoeba )
  6. जाति ( Species ) - प्रोटीयस ( Proteus ) 

अमीबा के सामान्य लक्षण Common symptoms of amoeba

  1. अमीबा एक सरल प्रकार का जीव है, जो संघ प्रोटोजोआ के अंतर्गत आता है।
  2. अमीबा स्वच्छ जल तथा समुद्री जल के साथ ही नदियों में नालों में झरनों में कीचड में पोखरों में सभी जगह पाया जाता है।
  3. अमीबा प्रोटोजोआ संघ का एक ऐसा प्राणी है ,जिसका शरीर नग्न व अनियमित होता है।
  4. अमीबा का प्रोटोप्लाज्म ढेर के रूप में रहता है तथा इसका आकार बदलता रहता है।
  5. अमीबा का साइटोप्लाज्म एकटोप्लाज्म और एंडोप्लाज्म में विभाजित होता है।
  6. इस जंतु में दो प्रकार का पोषण पाया जाता है, प्राणी समभोजी पोषण और पादप समभोजी पोषण।
  7. अमीबा में अलैंगिक जनन बहुखंडन तथा द्विखंडन के द्वारा होता है।
  8. प्रचलन करने के लिए अमीबा में उंगली के समान छोटे-छोटे संरचना होती हैं, जिन्हें कूटपाद कहा जाता है।
  9. अमीबा में परासरण नियंत्रण संकुचन धानियों के द्वारा होता है।

अमीबा से होने वाले रोग disease caused by amoeba

अमीबा प्रोटोजोआ एककोशिकीय जीव होता है, जो मनुष्य तथा अन्य जीव जंतुओं में विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न कर देता है:-

अमीबायसिस - अमीबायसिस एक ऐसी बीमारी है, जो अमीबा के कारण मनुष्य में फैलती है। इस बीमारी के अमीबा का नाम एंटेमीबा हिस्टॉलिटिका होता है।

एंटेमीबा हिस्टॉलिटिका मनुष्य तथा जीव जंतुओं के शरीर में विभिन्न कारणों के द्वारा प्रवेश कर जाता है, जैसे कि दूषित भोजन करना, दूषित पानी पीना, दूषित जगह पर स्नान करना तथा रहना आदि।

यह अमीबा सीधे हमारे आहारनाल में पहुँचता है और आंतो को प्रभावित करता है। जिसके कारण विभिन्न प्रकार के दुष्परिणाम सामने उत्पन्न होने लगते हैं।

मनुष्य को बेचैनी होने लगती है, पतले पतले दस्त होने लगते हैं, शरीर से पानी की कमी हो जाती है। कभी-कभी यह अमीबा आँत की दीवारों को छेद कर रक्त में प्रवेश कर जाते हैं

तथा ह्रदय में फेफड़ों में विभिन्न प्रकार के घातक रोग उत्पन्न करने में सक्षम हो जाते हैं। एक जांच के अनुसार बताया गया है कि विश्व में प्रत्येक वर्ष 40000 से 100000 लोग एंटेमीबा हिस्टॉलिटिका के

संक्रमण के द्वारा ही मर जाते हैं। इसलिए एंटेमीबा हिस्टॉलिटिका एक खतरनाक अमीबा होता है जो अधिकतर गंदे स्थानों पर ही पाया जाता है। इसके साथ ही कई प्रकार के रोगजनक अमीबा होते हैं।

जो मनुष्य जीव जंतुओं में तथा वनस्पतियों में कई गंभीर प्रकार के रोग उत्पन्न करते रहते हैं, जिनका अभी तक कोई सफल इलाज भी संभव नहीं है।

दोस्तों यहाँ पर आपने अमीबा का वर्गीकरण तथा लक्षण के साथ अन्य तथ्यों को पड़ा। आशा करता हुँ आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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