सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी क्या है what is Ict 

हैलो दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है। हमारे इस लेख सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी क्या है (what is Information and Communication Technology) में। दोस्तों आप इस लेख में सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी क्या है

के साथ सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र तथा इसके कार्यों के बारे में जानेंगे साथ ही सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी की परिभाषा,

तथा अर्थ के बारे में बताया गया है। तो आइये दोस्तों पढ़ते है, आज का हमारा यह लेख सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी क्या:-

संचार किसे कहते है, संचार के प्रकार

सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी क्या है


सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी परिचय Introduction of Ict 

प्राचीन समय में जब सूचनाओं (Informations) को भेजने के तकनीकी साधन नहीं थे। उस समय भी सूचनाओं का आदान-प्रदान  होता था।

लेकिन सूचनाओं को मौखिक रूप से इकट्ठा किया जाता था तथा उसे दूसरे स्थान पर पहुँचाया जाता था। प्राचीन काल में लोगों का उपयोग सूचना संप्रेषण 

के रूप में तथा कुछ जानवरों और पक्षियों का उपयोग भी इसके लिए किया जाता था। एक स्थान से दूसरे स्थान तक सूचना पहुंचाने के लिए

लोग अधिकतर गांव में नाऊ जाति के लोगों को यह काम देते थे। जबकि लिखित रूप में कबूतरों आदि का उपयोग किया जाता था।

लिखने की कला के पश्चात 1438 में गुटेनबर्ग ने एक मशीन का आविष्कार किया है। जो अक्षरों को छापने का काम करती थी। जिसके कारण कागजों पर लिखित सूचनाओं को छापा जाता था।

तथा उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर किसी माध्यम से पहुंचा दिया जाता था इस प्रकार से सूचना संप्रेषण तकनीकी का विकास होता गया।

सूचना सम्प्रेषण और तकनीकी क्या है what is Ict 

सूचना (Information) - सूचना वह एक तकनीक है, जिसके द्वारा किसी व्यक्ति को कुछ कहते हैं, बताते हैं, या कुछ समाचार सुनाते हैं।

सूचना किसी विशेष क्रम में व्यवस्थित आंकड़ों को दूसरे के लिए प्रस्तुत करना होता है अतः कह सकते हैं, कि सूचनाएँ आंकड़ों का संक्षिप्त रूप होती है।

सूचना को अंग्रेजी में इंफॉर्मेशन (information) कहते हैं, जो दो शब्दों से मिलकर बना होता है, "फोर्मेटिया" तथा "फोरम"

साधारण दृष्टि से देखा जाए तो आँकड़ा किसी तथ्य, संख्या, नाम, चिन्ह आदि को कह सकते हैं। तथा इन्हीं के द्वारा ही सूचनाओं का निर्माण होता है।

संप्रेषण (communication ) संचार एक ऐसा शब्द है जो अंग्रेजी के कम्युनिकेशन (Communication) शब्द का हिंदी रूप है। संचार एक माध्यम है, जिसके द्वारा किसी भी सूचना को एक स्थान से दूसरे स्थान तक तथा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाया जाता है।

संचार के द्वारा ही दो मनुष्यों के बीच में सामाजिक संबंधों का विकास होता है। अतः कह सकते हैं कि संचार के बिना मानव नहीं रह सकता प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन काल में संचार करता है

बोलने में सुनने में सोचने में देखने में पढ़ने में लिखने में आदि इसलिए कह सकते हैं, कि जब मनुष्य अपने भावों को विचारों को तथा विभिन्न प्रकार के संकेतों को वाणी के माध्यम से इन सभी प्रकार की सूचनाओं का एक दूसरे से आदान-प्रदान कहते हैं उसे संप्रेषण कहते हैं।

तकनीकी (Technology) आज के युग में हम देख रहे हैं, कि आज का युग विज्ञान का युग (Age of Science) कहलाता है क्योंकि विज्ञान ने मनुष्य को विभिन्न प्रकार की सुविधाओं से युक्त कर दिया गया है

और यह सब टेक्नोलॉजी यानी तकनीकी की मदद से हुआ है। तकनीकी एक ऐसी कला है, जिसके द्वारा आधुनिक निर्माण के क्षेत्र में तीव्रता आती है।

वास्तव में तकनीकी एक परिवर्तन का ही प्रकार है जो नए उत्पादन में सहायक होता है, कह सकते हैं कि वैज्ञानिक ज्ञान को सरलता से मानव जीवन में प्रयोग करना ही तकनीकी कहलाता है

दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि तकनीकी वह ज्ञान है जिसमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से ही विभिन्न प्रकार के कार्य संभव किए जाते हैं।

सूचना सम्प्रेषण और तकनीकी का अर्थ और परिभाषा Meaning and defination of Ict 

मनुष्य प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरीके से ज्ञान (अधिगम) प्राप्त करना चाहता है। किंतु किसी कारणवश  कोई मनुष्य प्रत्यक्ष रूप से ज्ञान प्राप्त नहीं कर पाए तो उनके लिए अप्रत्यक्ष रूप से ज्ञान प्राप्त करने की कई तकनीक होती हैं।

इन्हीं में एक तकनीक है "सूचना संप्रेषण तकनीकी" जिसे अंग्रेजी में (Information Communication Technology) इनफॉरमेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कहा जाता है। इसके माध्यम से कहीं पर भी किसी भी समय किसी भी प्रकार की सूचना सामग्री

तथा ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से पत्र पत्रिकाएँ, चित्र, फोटोग्राफ, फिल्म, वीडियो, रेडियो, कंप्यूटर आदि प्रमुख माध्यम का काम करते हैं। विभिन्न प्रकार के माध्यमों से ज्ञान को प्राप्त करके उसका संग्रह करना आवश्यकता

होने पर उसका प्रयोग करना आदि गतिविधियाँ भी सूचना तकनीकी के अंतर्गत आती हैं। जबकि संप्रेषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें विचारों को, सूचनाओं को मान्यताओं को तथा विभिन्न प्रकार की जानकारियों को एक दूसरे के साथ बांटते हैं।

परिभाषाएँ Defination 

प्रो.एस. के. दुबे के अनुसार - सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी का आशय संचार साधनों की व्यवस्था के कुशलतम संचालन से हैं। जो सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने में  सहायता करती हैं।

आर. के. शर्मा के अनुसार - सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी वह युक्ति है जिसमें तकनीकी माध्यम के द्वारा सूचनाओं का आदान -प्रदान होता है। 

सूचना सम्प्रेषण और तकनीकी का इतिहास History of Ict 

प्राचीन काल में सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाने के लिए बहुत ही समय बर्बाद करना पड़ता था। क्योंकि उस समय किसी प्रकार के परिवहन के साधन तथा तकनीकी माध्यम उपलब्ध नहीं थे।

लोग पैदल, घोड़ागाड़ी या बैलगाड़ी के द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते थे। जिसमें कई दिनों तो क्या कई महीने भी लग जाते थे। किंतु धीरे-धीरे सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी का विकास होता गया।

सन 1900 में फ्रांस के ग्राफीन वैज्ञानिक ने फोटोस्टेट (Photostat) तकनीकी का आविष्कार किया,जिससे सूचना प्रौद्योगिकी में एक अद्भुत क्रांति आ गई।

तथा इससे पैसे की बर्बादी भी बची। क्योंकि पहले सूचनाओं को प्रिंट (Print) करवाना पड़ता था। लेकिन अब सूचनाओं को प्रिंट करके छापना बहुत ही कम दाम पर उपलब्ध हो गया था।

1938 में अमेरिकन प्रोफ़ेसर कार्लसन ने जियोग्राफी (Geography) का आविष्कार किया। तथा जे. बी. डेंसर और रेने डेग्रेन नामक वैज्ञानिक ने माइक्रोग्राफी (Micrography) का आविष्कार किया।

जिससे रिकॉर्ड की गई सामग्री को छोटे रूप में संग्रहित किया जा सकता था उसे कॉपी किया जा सकता था। 1960 में अमेरिका के थियोडार मेनन ने लेजर तकनीकी का आविष्कार प्रिंटिंग के क्षेत्र में किया।

जो बीसवीं शताब्दी की सबसे बड़ी खोज थी। इसके पश्चात वीडियो कैमरा (video camera) वीडियो डिस्क (Video disc) और कंप्यूटर का विकास होता गया। इन सभी अविष्कारों के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी में काफी सहायता मिली।

किंतु संचार उपग्रह (communication satellite) का आविष्कार होने से सूचना प्रौद्योगिकी अपने चरम सीमा पर पहुँच गई। 1837 में मोर्स ने टेलीग्राफ (Telegraph) का आविष्कार किया जिसकी सहायता से सूचना सन्देश को दूर तक

भेजा जा सकता था। इसके पश्चात 1876 में ग्राहम बेल ने टेलीफोन (Telephone) का आविष्कार करके सूचना प्रौद्योगिकी में चार चांद लगा दिए। जिसके द्वारा हम मिनटों तो क्या

सेकंडों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक सूचना पहुँचा देते है। 1895 ईस्वी में मारकोनी ने रेडियो (Radio) का आविष्कार किया। जिसके द्वारा सभी प्रकार की देश विदेश की सूचनाऐं विभिन्न घर बैठे

आराम से सुन सकते और उन्हें रिकॉर्ड भी कर सकते हैं।किन्तु सूचना संप्रेषण तकनीकी में मुख्य सहायता उस समय मिली जब 1925 में स्कॉटलैंड के जे.एल. बेयर्ड ने टेलीविजन (Television) का आविष्कार किया

और आज संचार उपग्रहों के माध्यम से हम घर पर बैठे विभिन्न देशों की छोटी-बड़ी घटनाओं कई कार्यक्रम सुन सकते है और देख भी सकते हैं।

इस तकनीकी के विकास से सूचना संप्रेषण तथा शैक्षिक कार्य में अतुलनीय सहायता प्राप्त हुई है। इस प्रकार से सूचना संप्रेषण तकनीकी का विकास होता चला गया। 

सूचना संप्रेषण तकनीकी के कार्य function of Ict

सूचना संप्रेषण तकनीकी के कार्यों को निम्न तीन रूपों में बांटा गया है:- 

सूचनाओं का संग्रहण Collection of information

सूचना संप्रेषण तकनीकी का सबसे पहला चरण होता है सूचनाओं को एकत्रित करना तथा उनका संग्रहण करना। आज के समय में विश्व भर की सूचनाएँ,

किताबों, सिनेमाघरों कंप्यूटर आदि तकनीकी माध्यम में संग्रहित हो चुकी हैं। और नई नई सूचनाऐं लगातार संग्रहित होती जा रही हैं।

और कभी भी किसी भी समय इन सूचनाओं को हम एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित कर सकते हैं। इसलिए सबसे पहला कार्य सूचनाओं को संग्रहित (Collection of Information) करना होता है।

क्योंकि सूचना को संग्रहित नहीं करेंगे तो उसका संप्रेषण करना संभव नहीं है। जो सूचना मौखिक रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जाती हैं, वह बहुत ही जल्द नष्ट हो जाती हैं।

इसलिए सूचनाओं को हमें संग्रहित करके रखना होता है। सूचना संप्रेषण तकनीकी के माध्यम से आज हम विभिन्न प्रकार की सूचनाऐं किसी भी विषय से संबंधित जानकारी कहीं पर भी बैठे किसी भी जगह

कंप्यूटर तथा इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। तथा उसे हम हार्ड कॉपी के रूप में भी किताबों में लाइब्रेरी में अनुसंधान शालाओं में प्राप्त कर सकते हैं।

सूचनाओं का संप्रेषण Communication of information

जब सूचनाएँ एकत्रित हो जाती हैं, तो उन सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाने का कार्य संप्रेषण कहलाता है। इसके लिए विभिन्न प्रकार की अत्याधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया जाता है।

जिसमें माइक, लाउडस्पीकर,  सिनेमा, एलसीडी, एलईडी, वीडियो डिस्प्ले आदि महत्वपूर्ण उपकरण हैं। यह ऐसी नवीनतम तकनीकी है, जो सूचनाओं को एक साथ हजारों क्या लाखों लोगों तक पहुँचा देती है

और उपग्रह संचार के माध्यम से एक देश से दूसरे देश तक सूचनाओं का संप्रेषण होता है। संचार उपग्रह की मदद से दूरवर्ती शिक्षा का महत्वपूर्ण कार्य संपादित होता है। इसके अतिरिक्त शैक्षिक दूरदर्शन भी

विभिन्न प्रकार की सूचनाएँ संप्रेषित करता रहता है। आज इस तकनीकी की सहायता से तुरंत सूचनाएँ पहुँचाना बहुत ही आसान हो गया है। जिसके कारण ऐसा लगता है, कि पूरा विश्व एक घर ही है।

सूचना की प्रोसेसिंग Processing of information

सूचना संप्रेषण तकनीकी का तीसरा मुख्य चरण होता है सूचनाओं को प्रोसेसिंग करना जिससे नवीन अनुसंधानों (Researches) को भी दिशा मिलती है। इस कार्य में नवीनतम तकनीकी जैसे कंप्यूटर (Computer) अधिक महत्व रखता है।

सूचना, तकनीकी ज्ञान, कौशल तथा अभिव्यक्ति प्रदान करने के साथ-साथ विशिष्ट आवश्यकताओं की पूर्ति करने में शैक्षिक प्रक्रिया के रूप में उपयोग की जाती है।

समय तथा स्थान के आयामों का शिक्षण एवं अधिगम में कोई हस्तक्षेप नहीं होता इस तकनीक के माध्यम से दूरस्थ छात्रों को भी उत्तम गति से शिक्षा प्रदान की जा सकती है।

दोस्तों इस लेख में आपने सूचना एवं संप्रेषण प्रौद्योगिकी क्या है, (what is Information and Communication Technology) इतिहास, अर्थ परिभाषा तथा कार्यों के बारे में पड़ा। आशा करता हूँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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