परिवार नियोजन के उपाय तथा साधन Family Planning Methods and Means

परिवार नियोजन के उपाय तथा साधन

परिवार नियोजन के उपाय तथा साधन family planning methods and means 

हैलो दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, हमारे इस लेख परिवार नियोजन के उपाय तथा साधन (Method and Means of family planning) में। दोस्तों आप इस लेख परिवार नियोजन के उपाय के अंतर्गत परिवार नियोजन क्या है?

परिवार नियोजन की विधियाँ क्या है? और परिवार नियोजन के उपाय तथा साधन क्या है? के साथ ही परिवार नियोजन के कार्यक्रम,

परिवार नियोजन के लाभ के बारे में भी जान पाएंगे तो दोस्तों आइए शुरू करते हैं, आज का यह लेख परिवार नियोजन के उपाय तथा साधन:-

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परिवार नियोजन क्या है what is family planning 

परिवार नियोजन का अर्थ है "परिवार नियंत्रित करना" विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार बताया गया है, कि परिवार नियोजन का अर्थ केवल बच्चों के जन्म को रोकना नहीं है,

परिवार नियोजन के अंतर्गत अनचाहे गर्भ को रोकना, चाहने पर गर्भधारण करना, दो गर्भ के बीच अंतर को निर्धारित करना, माता पिता की उम्र के संबंध में गर्भ निर्धारण का समय निश्चित करना

और परिवार में बच्चों की संख्या नियंत्रित करना (Controlling the number of children) भी शामिल किया गया है।

इसलिए परिवार नियोजन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत छोटा परिवार सुखी परिवार की धारणा रखकर  महिलाओं के गर्भ धारण के बीच

अंतर बच्चों की जन्म दर नियंत्रित करके परिवार को नियोजित करना होता है। परिवार नियोजन के अंतर्गत इस बात पर भी ध्यान दिया जाता है,

कि आपके कितने बच्चे हो? और वह कितने समय के अंतराल में हो माता का स्वास्थ्य कैसा है? और बच्चे का स्वास्थ्य कैसा है?

क्योंकि प्रतिवर्ष लगभग 5 से 7 लाख महिलाएँ गर्भ धारण करती हैं और उनमें से परिवार नियोजन के अभाव में बहुत सी महिलाएँ

और उनके बच्चे बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं तथा कुछ की मृत्यु भी हो जाती है। इसलिए परिवार नियोजन परिवार नियंत्रण के साथ ही महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी उत्तरदाई होता है।

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परिवार नियोजन के उपाय family planning measures

परिवार नियोजन के उपाय विभिन्न प्रकार के हैं, जिनमें परिवार नियोजन के घरेलू उपाय सम्मिलित हैं, रासायनिक उपाय सम्मिलित हैं,

तथा चिकित्सीय उपाय भी सम्मिलित हैं, जिनके द्वारा आसानी से परिवार नियोजित किया जा सकता है। परिवार नियोजन के घरेलू उपाय सरल उपाय होते हैं,

जिन्हें घर पर ही आसानी से प्रयोग में लाया जा सकता है। जबकि परिवार नियोजन के यांत्रिक उपाय में आपको इनके बारे में जानकारी होनी चाहिए,

तथा परिवार नियोजन के चिकित्सीय उपाय आपको किसी योग्य चिकित्सक के परामर्श पर ही करना चाहिए अन्यथा आप को जोखिम भी उठाना पड़ सकता है।

परिवार नियोजन के उपाय को हम परिवार नियोजन की निम्न विधियों के द्वारा समझ सकते हैं:-

परिवार नियोजन की विधियाँ family planning methods

परिवार नियोजन की दो प्रकार की विधियाँ होती हैं, स्थाई विधियां और अस्थाई विधियां

परिवार नियोजन की अस्थाई विधियाँ क्या है?

परिवार नियोजन की अस्थायी विधियां विभिन्न प्रकार की हैं, इनके प्रयोग के लिए दंपत्ति को हमेशा तैयार रहना पड़ता है। परिवार नियोजन के अस्थाई विधियाँ निम्न प्रकार से हैं:- 

शरीर विज्ञान संबंधित तरीके

  1. पूर्ण संयम - यह एक सबसे अच्छा तरीका है, किंतु व्यवहारिक तरीका नहीं है, इसमें विभिन्न अमनोवैज्ञानिक विकृतियाँ उत्पन्न होने का हमेशा खतरा बना रहता है।
  2. संभोग उपक्रम - सम्भोग उपक्रम एक सबसे प्राचीन तरीका है, उसमें संभोग करते समय पुरुष जब वीर्य निकलने की चरम स्थिति में पहुंच जाता है, तब पुरुष योनि से अपने लिंग को बाहर निकाल लेता है। किंतु यह तरीका एक अविश्वसनीय तरीका होता है, क्योंकि अगर गलती से वीर्य का एक भी कण गर्भाशय (Uterus) में रह गया तो वह गर्भधारण करने के लिए उपयुक्त होता है।
  3. सुरक्षित काल - इसके लिए बाते है, क्योंकि मासिक चक्र के 14 दिन पहले फैलोपियन ट्यूब (fallopian tubes) से डिम्भ मुक्त हो जाता है, जो 48 घंटे तक ही जीवित रहता है, और शुक्राणु (Sperm) भी योनि मार्ग में कम से कम 48 घंटे तक इस डिम्भ को भेदने की क्षमता रखता है। इस प्रकार से इस 28 दिनों के मासिक चक्र में एक सप्ताह का समय 11 से 18 दिन तक संभोग के लिए असुरक्षित काल होता है, किंतु यह विधि उन स्त्रियों में सुरक्षित नहीं है जिनका मासिक धर्म नियमित नहीं होता है।

रासायनिक तरीके

  1. जेली या क्रीम - जैली, क्रीम एक प्रकार की दवा होती है। जो शुक्राणुओं को नष्ट करने की क्षमता रखती है, इसका प्रयोग करना आसान होता है, इसमें एक एप्लीकेटर (Applicator) के द्वारा योनि के अंदर तक इस जैली या क्रीम को लगाया जाता है।
  2. गोलियाँ - गर्भधारण को रोकने के लिए गोलियों का भी उपयोग किया जाता है। इसके लिए एक या दो गोली को संभोग से 5 या 10 मिनट पूर्व योनि मार्ग में उंगली की मदद से डाल दिया जाता है, इस विधि का प्रयोग करना आसान तो है, किंतु यह ज्यादा असरकारक नहीं है।
  3. डूश - यह वह तरीका है जिसमें संभोग के उपरांत योनि को अच्छे से साफ पानी से धो दिया जाता है। जिससे योनि में गया हुआ वीर्य बाहर निकल जाए किंतु यह एक असुरक्षित विधि है इसमें भी गर्भधारण का खतरा बना रहता है।
यांत्रिक तरीके

  1. निरोध - यांत्रिक तरीकों में सबसे प्रभावशाली निरोध को माना जाता है, इस विधि में पुरुष संभोग करने से पहले अपने लिंग पर एक रबड़ की बनी पतली थैलीनुमा संरचना वाली वस्तु को अपने लिंग पर चढ़ा लेता है। संभोग करने पर पुरुष का वीर्य इस थैली में ही जमा हो जाता है और गर्भाशय में नहीं जा पाता किंतु कभी-कभी यह थैली फटने पर गर्भधारण का खतरा बढ़ जाता है।
  2. डायग्राम  - डायग्राम एक पिछले प्याले के आकार की वस्तु होती है। इस वस्तु के द्वारा गर्भाशय की नाली को ढाका जाता है। यह एक विश्वसनीय विधि होती है, किंतु इसके उपयोग करना थोड़ा कठिन होता है, इसका प्रयोग करना डॉक्टर या फिर अनुभवी व्यक्ति द्वारा आराम से सीखा जा सकता है।
मौखिक गर्भ निरोधक गोलियाँ 

बाजार में ऐसे कई प्रकार की गर्भनिरोधक औषधियाँ (Contraceptive drugs) उपलब्ध हो गई हैं, जिनका सेवन करने से गर्भ धारण करने की चिंता से मुक्त हो पाना संभव है।

किंतु इनका प्रयोग नित्य प्रति करना पड़ता है। अगर इनका सेवन करना बंद कर दिया तो गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।

गर्भनिरोधक इंजेक्शन

आजकल बाजार में गर्भ निरोधक इंजेक्शन (Contraceptive injection) भी उपलब्ध हो गए हैं, जो विशेषकर हारमोंस के ही इंजेक्शन होते हैं। जिन महिलाओं को लगाया जाता है,

वे महिलाएं 1 से 3 माह तक गर्भधारण से बची रहती हैं। लेकिन यह काफी महंगे होते हैं, इसलिए सभी इनका प्रयोग करने से वंचित रह जाते हैं।

परिवार नियोजन की स्थाई विधियाँ क्या है?

स्थाई गर्भनिरोधक विधियाँ उन दंपतियों के लिए अधिक प्रयोग में लाई जानी चाहिए, जो अपना परिवार (Family) पूरा कर चुके हैं, और उन्हें अब बच्चों की आवश्यकता भी नहीं है।

स्थाई गर्भनिरोधक विधियों में नसबंदी सबसे प्रमुख विधि मानी जाती है, जो महिलाओं में अलग प्रकार से और पुरुषों में अलग प्रकार से होती है।

  1. पुरुष नसबंदी - पुरुष नसबंदी को बेसिकटॉमी (Vasectomy) के नाम से जाना जाता है, जो छोटा सा मामूली ऑपरेशन होता है। जिसमें पुरुष की शुक्रवाही नालिका को बांध दिया जाता है, जिसमें शुक्राणु शुक्र नालिका के द्वारा वीर्यपात के द्वारा बाहर नहीं आ पाते।

  1. महिला नसबंदी - महिला नसबंदी को ट्यूबेक्टमी (tubectomy) के नाम से जाना जाता है। इस विधि में स्त्री की फैलोपियन ट्यूब को इस तरह से बांध देते हैं, कि जो अंडा स्त्रियों में बनता है, वह गर्भाशय में ना जा सके इस प्रकार से अंडा और शुक्राणु का मिलन नहीं होगा और गर्भधारण नहीं होगा। यह विधि सर्वमान्य और पूरी तरह से असरकारक होती है।

चिकित्सीय गर्भपात

यह एक वह विधि है, जिसमें गर्भधारण होने के बाद भी अगर बच्चा दंपत्ति को नहीं चाहिए तो वह गर्भपात (Abortion) करा सकते हैं.

किंतु यह एक कानूनी तरीका नहीं है, गर्भपात केवल विशेष या कुछ कठिन परिस्थितियों में ही कराया जा सकता है जो निम्न प्रकार से हैं:-

यदि गर्भ धारण करने के बाद माँ के स्वास्थ्य में दिक्कत आती है, या परेशानी होती है तो गर्भपात कराया जा सकता है। 

यदि ऐसी संभावना होगी जन्म लेने वाला बच्चा शारीरिक व मानसिक रूप से विकलांग या अस्वस्थ पैदा होगा इस स्थिति में गर्भपात कराना संभव है।

यदि गर्भधारण बलात्कार (Rape) या अन्य अनैतिक कारणों के द्वारा हो गया है तो गर्भपात कराया जा सकता है।

परिवार नियोजन कार्यक्रम क्या है what is family planning program 

भारत सरकार ने 1952 में परिवार नियोजन कार्यक्रम (Family planning program) को अपनाया था और सबसे पहले प्रथम पंचवर्षीय योजना पर 1705 लाख रुपए इस योजना पर खर्च कर दिए गए थे।

जबकि द्वितीय पंचवर्षीय योजना में 3 करोड़ रुपए का व्यय और परिवार नियोजन बोर्ड (Family Planning Board) का गठन किया। तथा शहरी क्षेत्रों में लगभग 1700 ग्रामीण क्षेत्रों में

लगभग 1300 परिवार नियोजन केंद्र खोले गए। तृतीय पंचवर्षीय योजना में तीव्र जनसंख्या वृद्धि देखते हुए भारत सरकार ने परिवार नियोजन कार्यक्रम पर ₹350000000 व्यय किया।

जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 3500 और शहरी क्षेत्रों में लगभग 1300 से अधिक परिवार नियोजन केंद्रों की स्थापना

तथा उप केंद्रों की स्थापना की गई। जबकि संपूर्ण देश में लगभग 200 परिवार नियोजन ब्यूरो (200 Family Planning Bureau) भी बनाए गए।

चौथी पंचवर्षीय योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार नियोजन केंद्रों की संख्या बढ़कर लगभग 5200 उप केंद्रों की संख्या लगभग 32000  जबकि

शहरी क्षेत्रों में परिवार नियोजन केंद्रों की संख्या 2000 के आसपास हो गई थी। चौथी पंचवर्षीय योजना पर भारत सरकार ने परिवार नियोजन के कार्यक्रम को मजबूती से अपनाने के लिए

लगभग 276 करोड रुपए खर्च किए थे और 1 अप्रैल 1972 से भारत सरकार ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी अधिनियम (Medical termination of pregnancy act) के अंतर्गत गर्भपात को वैध करार दे दिया।

पांचवी पंचवर्षीय योजना (Fifth five year plan) में जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए तथा परिवार नियोजन प्रत्येक घर में अपनाने के लिए भारत सरकार ने लगभग 516 करोड रुपए खर्च किये।

इस योजना के अंतर्गत लगभग 180 लाख पुरुष और महिलाओं की नसबंदी की गई, जबकि लगभग 59 लाख महिलाओं ने लूप लगवाया था।

1977 में परिवार नियोजन कार्यक्रम का नाम परिवार कल्याण कर दिया गया। इसके अंतर्गत विभिन्न बातों पर भी ध्यान दिया गया

जैसे - जनसंख्या, शिक्षा  यौन संचारित रोग, गर्भधारण करने वाली महिलाओ का स्वास्थ्य , छठवीं पंचवर्षीय योजना में भी करोड़ों रुपए परिवार नियोजन में खर्च हो गए।

परिवार नियोजन कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत सामाजिक, गैर सरकारी संगठनों की सहभागिता पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही निजी क्षेत्र को भी इसमें शामिल करने के मुख्य प्रयास किए गए।

परिवार नियोजन के लाभ Benefit of family planning 

परिवार नियोजन के विभिन्न प्रकार के लाभ हैं, जो निम्न प्रकार से हैं।

  1. परिवार नियोजन का सबसे प्रमुख लाभ है, परिवार नियंत्रित करना। अगर परिवार छोटा होगा तो परिवार के सभी सदस्यों की जरूरते पूरी होगी छोटे परिवार में बच्चों के स्वास्थ्य शिक्षा समस्त पहलुओं पर जोर दिया जाएगा और उनका विकास होगा।
  2. परिवार नियोजन के द्वारा दो गर्भ के बीच समय अंतराल निश्चित करने पर माता तथा बच्चे दोनों ही स्वास्थ्य होंगे।
  3. परिवार नियोजन अपनाने से अनचाहे गर्भ से भी मुक्ति मिल जाती है।
  4. परिवार नियोजन को अपनाकर दम्पति खुलेपन से सहवास कर सकते है, और आंनद उठा सकते है।

दोस्तों इस लेख में आपने परिवार नियोजन क्या है? (What is family planning) परिवार नियोजन के उपाय परिवार नियोजन की विधियाँ

तथा परिवार नियोजन कार्यक्रम (Programm of family planning) के बारे में पढ़ा आशा करता हूँ यह लेख आपको अच्छा लगा होगा।

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