थायराइड ग्रंथि क्या है इसके कार्य | What is thyroid gland Its functions

थायराइड ग्रंथि क्या है इसके कार्य


थायराइड ग्रंथि क्या है इसके कार्य What is thyroid gland Its functions

हैलो दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, आज के इस लेख थायराइड ग्रंथि क्या है इसके कार्य (what is thyroid gland its functions) में। दोस्तों आप इस लेख में थायराइड ग्रंथि क्या है,

इससे कौन से होर्मोन्स निकलते है, और उनके कार्य क्या है, आदि के साथ अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानेंगे। तो आइये दोस्तों शुरू करते है, आज का यह लेख थायराइड ग्रंथि क्या है इसके कार्य:-

थाइमस ग्रंथि किसे कहते है

थायराइड ग्रंथि क्या होती है What is thyroid gland

थायराइड ग्रंथि एक अंतः स्रावी ग्रंथि है, यह ग्रंथि गर्दन के क्षेत्र में लेरिंग्स (Laryings) के नीचे परंतु ट्रेकिया (Trachea) के ऊपर स्थित होती है।

यह शरीर की सबसे बड़ी अंतः स्रावी ग्रंथि होती है, जो दो पालियों में विभाजित होती है तथा इस विभाजित करने वाली संरचना को इस्थमस (Isthmus) कहते हैं, थाइराइड ग्रंथि के दोनों भाग इस्थमस से जुड़े रहते हैं।

थायराइड ग्रंथि की प्रत्येक पाली या लोब विभिन्न प्रकार के छोटे-छोटे लोबो से मिलकर बने होते हैं, जिनको लोब्यूल कहते हैं,

और यह लोब्यूल क्यूबोडाइल एपिथिलियम से मिलकर बने होते हैं। जो सभी आपस में संयुक्त रहते हैं, तथा संयोजी ऊतकों से जुड़े रहते हैं।  

थायरोइड ग्रंथि एक बहुत महत्वपूर्ण ग्रंथि होती है, क्योंकि यह विभिन्न प्रकार की उपापचय क्रियाओं को नियंत्रित करती है।

संघ अर्थ्रोपोडा के मुख्य लक्षण

थायराइड ग्रंथि के हार्मोन Thyroid gland hormones

थायराइड ग्रंथि से मुख्यतः दो प्रकार के हारमोंस श्रावित होते हैं:-

  1. थायरोक्सिन (T4) Thyroxine
  2. ट्राइआयडोथायरोनिन (T3) Triiodothyronine

दोनों हारमोंस के एक अणु में आयोडीन के चार अणु होते हैं, इसीलिए इन हारमोंस को आयोडीन युक्त अमीनो अम्ल भी कहा जाता है।

इन हारमोंस में लगभग 10% कार्बोहाइड्रेट्स जबकि 123 थायरोक्सिन के परमाणु पेप्टाइड बंधन से आपस में संबंधित रहते हैं. इसलिए इनको सम्मिलित रूप में (T4T3) रूप में थायरोग्लोबुलिन (Thyroglobulin) भी कहा जाता है।

यह लोब्यूल की गुहिका ल्यूमिन में एकत्र होती है।  इसलिए थायराइड की कोशिकाएँ (Cells) तीन मुख्य कार्य करती हैं।

  1. इनका काम भोजन से प्राप्त आयोडीन को एकत्र करना और उसका परिवहन करना होता है।
  2. इन कोशिकाओं का काम थायरोग्लोबुलीन को कोलॉइड में श्रावित करना होता है।
  3. यह थायरोग्लोबुलीन से थायरोक्सिन को अलग करती है, तथा रक्त में पहुंचाती हैं, यद्यपि थायरोग्लोबुलीन भी रक्त प्लाज्मा में ही प्रभावित होती है।   

थायराइड होर्मोन्स के कार्य  Thyroid hormonse function

थायराइड ग्रंथि से निकलने वाला हार्मोन जिसका नाम थायरोक्सिन हार्मोन है, वह विभिन्न प्रकार की मेटाबॉलिक क्रियाओं पर नियंत्रण रखते है, थायरोक्सिन हार्मोन के कार्य निम्न प्रकार से हैं:- 

  1. थायरोक्सिन हार्मोन कार्बोहाइड्रेट के उपापचय को बढ़ाता है, जिसमें ग्लूकोज के अवशोषण से लेकर ऊतको के द्वारा इसके उपयोग की क्रियाएं भी सम्मिलित होती हैं।
  2. थायरोक्सिन हार्मोन का कार्य शरीर के द्वारा ऑक्सीजन के उपयोग की क्षमता को बढ़ाना है, इस प्रकार से थायरोक्सिन हार्मोन ऑक्सीकरण की क्रिया को बढ़ाते हैं, जिससे ऊर्जा ऊष्मा उत्पन्न होती है, और उपापचय की गति भी बढ़ती है।
  3. थायरोक्सिन हार्मोन सभी स्तनधारियों पक्षियों के शरीर के तापमान को नियंत्रण मैं रखती है, इसके साथ ही यह प्रोटीन संश्लेषण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  4. थायरोक्सिन हार्मोन उभयचर प्राणियों में कायांतरण के लिए उत्तरदाई होता है, इसके साथ ही यह स्तनधारियों में स्वशन की गति, ह्रदय गति और रक्त के दबाव को बढ़ाता है।
  5. थायराइड ग्रंथि और थायरोक्सिन हार्मोन कुछ नियंत्रण के कार्य करती है। यह सभी कोशिकाओं के ऊतकों की वृद्धि और विकास को नियंत्रित करती है, तथा लैंगिक विकास को प्रभावित करती है। थायराइड ग्रंथि और थायराइड हार्मोन अस्थियों की वृद्धि उनकी परिपक्वता, दांतों की वृद्धि और विकास उर्जा की उपापचय क्रिया व मानसिक विकास तथा शरीर की वृद्धि को भी नियंत्रित करती है।
  6. थायरोक्सिन हार्मोन तंत्रिका तंत्र पर भी प्रभाव डालती है, चूहों को एक प्रयोग में यह पाया गया कि यदि जन्म के समय उनको ऐसा भोजन प्रदान किया जाए जिसमें कि कम थायरोक्सिन हार्मोन हो तो उनमें सेरेब्रल कोर्टेक्स पूर्ण रूप से विकसित नहीं होता है।

थायराइड की कमी से कौन सा रोग होता है What disease is caused by thyroid deficiency 

थायराइड ग्रंथि से निकलने वाले हार्मोन को थायरोक्सिन हार्मोन कहा जाता है, और थायरोक्सिन हार्मोन से शरीर की विभिन्न प्रकार की क्रिया को प्रभावित करता है।

थायरोक्सिन हार्मोन की कमी से होने वाले रोगों को थायरोक्सिन की अधिक श्रावण तथा थायरोक्सिन के कम श्रावण के द्वारा निम्न प्रकार से बताया गया है:- 

हायपर थायरोइडिज्म Hyper thyroidism

जब थायराइड ग्रंथि के द्वारा अधिक मात्रा में थायरोक्सिन हार्मोन स्रावित होता ह, तब उस स्थिति को हायपर थायरोइडिज्म के नाम से जाना जाता है।

जब रक्त में अधिक मात्रा में थायरोक्सिन हार्मोन से हो जाता है, तो उस स्थिति को ग्रेव्स की बीमारी या एक्सो ऑप्थैलेमिक गोईटर (Exo ophthalmic goiter) कहा जाता है, इस बीमारी के निम्न लक्षण है:-

  1. इस बीमारी में शरीर की उपापचय क्रियाओं की गति अधिक तीव्र हो जाती है।
  2. इस स्थिति में रोगी की आंखें बाहर की ओर निकल आती हैं।
  3. रोगी को बार-बार अधिक पसीना आता है।
  4. शरीर की अस्थियों में अधिक वृद्धि होने लगती है और शरीर विकृत होने लगता है।
  5. हृदय की गति तेज हो जाती है, रक्त का दबाव, स्वशन गति, रक्त में ग्लूकोज का स्तर, मूत्र में कैल्शियम और फास्फोरस अधिक मात्रा में निकलने लगता है. इस प्रकार यह ओस्टियोपोरोसिस बीमारी बन जाती है।

हाइपो थायरोइडिज्म Hypo thyroidism

यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब थायराइड ग्रंथि से कम मात्रा में थायरोक्सिन हार्मोन स्रावित होता है।

जिससे रक्त में थायरोक्सिन हार्मोन का स्तर बहुत ही कम हो जाता है और एक बीमारी उत्पन्न होती है। जिसको मिक्सीडीमा (Myxedema) या फिर सामान्य गोइटर के नाम से जानते हैं।

इस बीमारी के निम्न प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं:- 

  1. इस बीमारी में शरीर की उपापचय क्रिया मंद हो जाती है।
  2. त्वचा बाल तथा नाखून आदि सब टूटने लगते हैं।
  3. थायरोक्सिन हार्मोन की जन्म से कमी होने पर बच्चों में इस रोग को कृटिनिज्म (Critinism) कहते है।
  4. इस बीमारी में मानसिक बृद्धि के साथ शारीरिक बृद्धि भी रूक जाती है।
  5. ह्रदय की गति, रक्त का दबाब, स्वशन गति कम हो जाती है।

दोस्तों इस लेख में थायराइड ग्रंथि क्या है (what is thyroid gland) इसके कार्य इसके होर्मोंस तथा बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई आशा करता हुँ, यह लेख आपको अच्छा लगा होगा।

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