पीयूष ग्रंथि क्या है संरचना तथा कार्य | what is pituitary gland Structure and function in hindi

पीयूष ग्रंथि क्या है संरचना कार्य


पीयूष ग्रंथि क्या है संरचना कार्य what is the pituitary gland Structure function

हैलो दोस्तों आपका इस लेख पीयूष ग्रंथि क्या है? (what is the pituitary gland) संरचना तथा कार्य में बहुत बहुत स्वागत है।

दोस्तों इस लेख में आप अन्तःश्रावी ग्रंथि पीयूष ग्रंथि के बारे में जानेंगे। दोस्तों इसमें आप पीयूष ग्रंथि क्या है? पीयूष ग्रंथि किसे कहते है?

इसकी संरचना तथा श्रावित होर्मोन्स के साथ उनके कार्य जानेंगे, तो दोस्तों पढ़ते है, पीयूष ग्रंथि क्या है:-

एड्रीनल ग्रंथि के होर्मोन्स

पीयूष ग्रंथि क्या है what is the pituitary gland

पीयूष ग्रंथि क्या है - पीयूष ग्रंथि मानव शरीर में पाई जाने वाली एक अंतः स्रावी ग्रंथि है, जो चने के समान होती है. तथा अंग्रेजी में इसे Pituitary gland (पिट्यूटरी ग्लैंड) कहा जाता है।

पीयूष ग्रंथि अपने द्वारा स्रावित होने वाले हारमोंस Hormonse को सीधा रक्त में छोड़ती है. पीयूष ग्रंथि के मस्तिष्क में क्रेनियम (Cranium) में पाई जाती है।

इसलिए इस ग्रंथि को क्रेनियल ग्रंथि भी कहा जाता है। प्रारंभ में अध्ययन करने के बाद यह पाया गया कि पीयूष ग्रंथि अन्य अंतः स्रावी ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन को नियंत्रित करती है।

इसलिए इस ग्रंथि को मास्टर ग्रंथि (Master gland) के नाम से भी जाना जाता है किंतु बाद में यह ज्ञात हुआ कि पीयूष ग्रंथि हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) से निकलने वाले हार्मोन पर ही नियंत्रण रखती है।

इसलिए इस क्रिया को हाइपोथैलेमस हाइपोफिसिस काम्प्लेक्स भी कहा जाने लगा, क्योंकि पीयूष ग्रंथि हाइपोथैलेमस के नीचे इंफंडिब्युलम (Infundibulam) से जुड़ी हुई होती है।

और जो हारमोंस हाइपोथैलेमस से निकलते हैं, उन पर नियंत्रण रखती है। हाइपोथैलेमस भाग से निकलने वाले हारमोंस को न्यूरो हारमोंस कहा जाता है।

हाइपोथेलेमस भाग से निकलने वाले कुछ न्यूरो हारमोंस (Neuro hormones) और उनका पीयूष ग्रंथि पर प्रभाव निम्न प्रकार से हैं:-

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हाइपोथेलेमस ग्रंथि से स्रावित हार्मोन Hormones secreted from the hypothalamus gland

हाइपोथेलेमस ग्रंथि से स्रावित हार्मोन - हाइपोथेलेमस ग्रंथि से स्रावित हार्मोन को न्यूरो हारमोंस कहा जाता है। हाइपोथेलेमस ग्रंथि से स्रावित हार्मोन तथा उनके कार्य निम्न प्रकार से हैं:- 

थायराट्रोपिन रिलीजिंग फैक्टर (TRF) - थायराट्रोपिन रिलीजिंग फैक्टर (Thyratropin releasing factor) हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित हार्मोन है।

यह हारमोंस पीयूष ग्रंथि के अग्र लोब से थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) के श्रावण में मदद करता है।और थायराइड ग्रंथि को थायराइड हारमोंस रिलीज करने के लिए प्रेरित करता है।

ग्रोथ हार्मोन (GH) - इस हार्मोन को वृद्धि हार्मोन (Growth hormone) के नाम से जाना जाता है, जिसे सोमेटो स्टेटिन या वृद्धि हार्मोन रिलीजिंग फैक्टर भी कहते हैं।

यह हार्मोन पीयूष ग्रंथि के अग्र लोब से वृद्धि हार्मोन को श्रावित करने के लिए प्रेरित करता है।

ग्रोथ हार्मोन इन्हीबिटिंग फैक्टर (GHI) - इसे ग्रोथ हार्मोन या ग्रोथ हार्मोन इन्हीबिटिंग फैक्टर (Growth hormone inhibiting factor) भी कहा जाता है।

यह हार्मोन पीयूष ग्रंथि से वृद्धि हार्मोन निकलने पर उसको रोकता है।

कॉर्टिकॉट्रोपिन रिलीजिंग फैक्टर (CRH) - हाइपोथेलेमस ग्रंथि से स्रावित इस हारमोंस का कार्य पीयूष ग्रंथि के अग्र लोब से

एड्रेनोकॉर्टिकॉट्रॉपिक हार्मोन (ACTH) स्रावित करने के लिए उत्तेजित करता है। जो एड्रिनल ग्रंथि के कॉर्टेक्स की वृद्धि को नियंत्रित करता है।

फॉलिकल स्टिमुलेटिंग फैक्टर (FSH) - इस हार्मोन का कार्य (follicle-stimulating) हारमोंस को स्रावित करने के लिए उत्तेजित करना होता है।

ल्यूटिलाइजिंग रिलीजिंग फैक्टर (LH ) - यह हारमोंस ल्यूटिलाइजिंग हारमोंस (Lutealizing hormones) के श्रावण को बढ़ाता है।

प्रोलेक्टिन रिलीजिंग फैक्टर (PRF) - हाइपोथैलेमस से निकलने वाले इस हारमोंस का कार्य प्रोलैक्टिन हार्मोन किस स्रावण को बढ़ाना होता है।

प्रोलेक्टिन इन्हीबिटिंग फैक्टर (PIF) - यह हारमोंस प्रोलैक्टिन हार्मोन (Prolactin hormone) के स्रावण को कम करता है।

बीएलपीएच रिलीजिंग फैक्टर (BLPH) - यह हारमोंस पीयूष ग्रंथि से लिपॉप्रोटीन हार्मोन स्रावित करने का कार्य करता है।

पीयूष ग्रंथि की संरचना तथा हारमोंस structure of pituitary gland and function 

पीयूष ग्रंथि मस्तिष्क में क्रेनियम की सफीनाइड अस्थि (Saphenoid bone) की एक खांच सैला टरसिका में पाई जाती है। इस खांच को रथके का पाउच भी कहा जाता है।

यह ग्रंथि इनफाण्डिबूलम नामक एक संरचना के साथ हाइपोथैलेमस से जुड़ी होती है। इसलिए इसे हाइपोफाइसिस के नाम से भी जाना जाता है।

पीयूष ग्रंथि दो अलग-अलग ऊतकों से विकसित हुई है. पीयूष ग्रंथि का अग्रभाग मुहगुहा की एपीथिलियम कोशिकाओं से तथा पश्च भाग मस्तिष्क की एपीथिलियम कोशिकाओं से बना है।

इसलिए अग्रभाग को एडेनौहाइपोफिसिस (Adenohypophysis) तथा पश्च भाग को न्यूरो हाइपोफाईसिस (Neuro hypophysis) कहा जाता है।

पीयूष ग्रंथि का अग्र भाग तीन भागों में विभाजित रहता है

  1.  पार्स ट्यूबरेसिस
  2.  पार्स डिस्टेलिस
  3.  पार्स इंटरमीडिया

पीयूष ग्रंथि का अग्रभाग एडिनो हाइपोफाइसिस तीन प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बना होता है।

क्रोमोफोबस या न्यूट्रॉफिल्स कोशिकाएँ - क्रोमोफोबस या न्यूट्रोफिल्स एडिनो हाइपोफाइसिस का लगभग 50% भाग बनाती हैं।

यह कोशिकाएँ आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीफिल्स या फिर बसोफिल्स कोशिकाओं में परिवर्तित हो जाती हैं, किंतु किसी भी प्रकार का हार्मोन स्रावित नहीं करती।

ऑक्सीफिल्स या एसिडोफिल्स या अल्फा कोशिकाएँ- इन कोशिकाओं के द्वारा वृद्धि हार्मोन (GH) प्रोलैक्टिन हार्मोन (LTH)

एड्रिनो कॉर्टिको ट्रॉपिक हार्मोन (ACTH) का स्रावण करती हैं। यह कोशिकायें बची हुई 50% कोशिकाओं का 75% भाग होती हैं।

बसोफिल्स या साइनोफिल्स या बीटा कोशिकाएँ- यह कोशिकाएँ बची हुई 50% कोशिकाओं का 25% ही होती हैं, तथा पीयूष ग्रंथि के मध्य लोब में पाई जाती हैं।

जो एमएसएच मेलानोसाइट्स स्टिमुलेटिंग हारमोंस का स्रावण करती हैं, यह होर्मोन्स त्वचा के रंग के लिए उत्तरदाई होता है।

Note - पीयूष ग्रंथि के पश्च लोब या न्यूरोहाइपोफिसिस के द्वारा कोई भी हारमोंस का स्रावण नहीं होता। किंतु हाइपोथैलेमस भाग से स्रावित होने वाले दो

हारमोंस ए डी एच (ADH) एंटीड्यूरेटिक हॉरमोन या बेसोप्रेसिन तथा ऑक्सीटोसिन हार्मोन हाइपोथैलेमस से स्रावित होकर पश्च लोब में पहुंचते हैं और रक्त में छोड़ दिए जाते हैं।

पीयूष ग्रंथि से स्रावित हारमोंस के नाम तथा कार्य Hormones of pituitary gland and function 

पीयूष ग्रंथि को तीन लोब या तीन भागों में विभाजित किया गया है, जिन्हें अग्र लोब मध्य लोब और पश्च लोब कहा जाता है। इन से स्रावित होने वाले हार्मोन तथा उनके कार्य निम्न प्रकार हैं 

अग्र लोब एडेनौहाइपोफिसिस के हार्मोन Hormones of the anterior lobe adenohypophysis

थाइरोइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH)

कार्य - इस हारमोंस का कार्य थायराइड ग्रंथि की वृद्धि करना तथा उन से स्रावित होने वाले हार्मोन पर नियंत्रण रखना होता है।

एड्रेनोकॉर्टिकॉट्रॉपिक हार्मोन (ACTH)

कार्य - इस हारमोंस का कार्य एड्रिनल ग्रंथि के कॉर्टेक्स भाग को नियंत्रित करना होता है।

वृद्धि हार्मोन (GH)

कार्य - यह हार्मोन वृद्धि हार्मोन कहलाता है, जो शरीर की कोशिकाओं की वृद्धि करने के लिए उत्तरदाई होता है इसकी कमी से ही बौनापन तथा अधिकता से गाईगेटिज्म नामक बीमारी हो जाती है।

कीटोजिनिक हार्मोन (KH)

कार्य - कीटोजिनिक हार्मोन का कार्य वसा और प्रोटीन की उपापचय क्रियाओं को नियंत्रित करना होता है, जिससे शरीर की वृद्धि और ऊर्जा मिलती है।

गोनेडोट्रॉपिक हार्मोन - गोनेडोट्रॉपिक हार्मोन को तीन भागों में बांटा गया है:-

  1. फॉलिकल्स स्टिमुलेटिंग हार्मोन -  इस हारमोंस का कार्य अंडाशय में पहुंचकर अंडाशय की फॉलिकल्स को परिपक्व बनाना होता है।
  2. ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन - किस हार्मोन का कार्य अंडाशय में ग्राफियान फोलिकल के अंडोत्सर्ग के लिए उत्तेजित करना है। अंडोत्सर्ग के बाद ग्राफियान फोलिकल कॉरपस लुटियम कहलाती है।
  3. प्रोलैक्टिन हार्मोन - इस हार्मोन का कार्य मादा में बच्चे के जन्म के पश्चात स्तन ग्रंथियों में दुग्ध के निर्माण और श्रावण में सहायता करना होता है।

मध्य लोब के हारमोंस Hormones of the middle lobe

मेलेनोसाइट स्टिमुलेटिंग हार्मोन

कार्य - यह हारमोंस पीयूष ग्रंथि के मध्य लोब से निकलने वाला हार्मोन है, जो मिलेनिन पिगमेंट का श्रावण करता है तथा त्वचा में पिगमेंट कोशिकाओं के वितरण में सहायक होता है।

पश्च लोब के होर्मोन्स Posterior lobe hormones

ऑक्सीटॉसिन - यह हारमोंस हाइपोथैलेमस से  निकलकर पीयूष ग्रंथि के पश्च लोब में पहुँचता है। जहाँ से रक्त में मिल जाता है, जिसका कार्य स्तनों में दूध के श्रावण को बढ़ाना होता है।

बेसोप्रेसिन या एंटीड्यूरेटिक हॉरमोन - पश्च लोब का इस हारमोंस का कार्य मूत्र निर्माण के समय जल की मात्रा का अवशोषण करना तथा नियंत्रण रखना होता है। इसका मुख्य कार्य और ओस्मोरेगुलेशन का है।

दोस्तों इस लेख में आपने पीयूष ग्रंथि क्या है (what is pitutary gland) पीयूष ग्रंथि की संरचना हाइपोथेलेमस ग्रंथि से स्रावित हार्मोन आदि के बारे में पढ़ा आशा करता हूँ, यह लेख आपको अच्छा लगा होगा।

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