विकलांगता के मॉडल | Viklangta ke modal


विकलांगता के मॉडल क्या है।

विकलांगता के मॉडल क्या है what is modal of disability 

हैलो दोस्तों एक बार फिरसे आपका बहुत-बहुत अभिनन्दन है, आज के इस लेख विकलांगता के मॉडल में। आप इस लेख के माध्यम से विकलांगता के मॉडल के बारे में सरल भाषा में समझ सकेंगे।

इस लेख में विकलांगता क्या है? तथा अन्य तथ्यों को भी आप जानेंगे। तो दोस्तों आइए पढ़ते है यह लेख विकलांगता के मॉडल क्या होते हैं?

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विकलांगता के मॉडल modal of disability 

विकलांगता - विकलांगता का मतलब उस प्रकार की स्थिति से, है जिसमें कोई भी बालक अन्य बालकों की तुलना में सभी प्रकार के कार्य नहीं कर सकता उस स्थिति को विकलांगता कहते हैं।

विकलांग बालक से तात्पर्य उस बालक से हैं, सामान्य  बालकों की तरह कई प्रक्रियाओं में भाग लेने से वंचित हो जाते हैं। विकलांगता  स्थाई शारीरिक संबंध होता है,

शरीर के किसी भी भाग में कोई दोष उत्पन्न होना ही विकलांगता कहलाती है और यह विकलांगता उस बालक को सामान्य बालक से अलग करती है।

विकलांगता के मॉडल के प्रकार type of disabilitie,s modal 

विकलांग बालकों की आवश्यकता  तथा समस्याओं को सुलझाने के लिए निम्न चार प्रकार के विकलांग मॉडल प्रस्तुत किए गए हैं:-

1.चैरिटी मॉडल charity Model 

चैरिटी मॉडल विकलांगता के शिकार व्यक्ति को पीड़ित रूप में देखता है। ऐसे व्यक्ति ना तो चल सकते हैं, और ना ही बोल सकते हैं, और ना ही देख सकते हैं, तथा वह किसी प्रकार का काम भी नहीं कर सकते।

जिसे विकलांगता मे एक प्रमुख कमी के रूप में देखा जाता है। विकलांग व्यक्ति स्वतंत्र जीवन व्यतीत करने में सक्षम नहीं होते हैं और ऐसे व्यक्तियों की स्थिति बड़ी ही दुखद और पीड़ित होती है।

ऐसे व्यक्तियों को विशेष स्कूल, विशेष सेवाएँ, विशेष संस्थानों, आदि की आवश्यकता होती है। क्योंकि ये  औरों से अलग होते हैं। विकलांग व्यक्ति को सहानुभूति, दया, कल्याण, मदद की भी आवश्यकता होती है।

2.चिकित्सा मॉडल Medical Model

चिकित्सा मॉडल विकलांग व्यक्तियों की शारीरिक समस्या को ठीक करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। ऐसे विकलांग व्यक्तियों को सकारात्मक रूप से अभिप्रेरित करने की आवश्यकता होती है।

ताकि वे स्वयं पर विश्वास कर सके और कुछ आत्मनिर्भर हो सकें। चिकित्सा मॉडल के अनुसार विकलांग व्यक्तियों को विशेष परिवहन व्यवस्था और सामाजिक संस्थाओ कल्याण और सेवाओं की आवश्यकता होती है।

इसलिए इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए विशेष संस्थान मौजूद हैं, जिनमें प्रमुख रूप से अस्पताल विशेष स्कूल सामाजिक कार्यकर्ता और विशेष शिक्षक आदि आते हैं।

3.सामाजिक मॉडल Social modal 

सामाजिक मॉडल समाज में विकलांगता से संबंधित परिणाम आयोजित करता है। समाज में विकलांगता को लेकर कई भेदभाव, बाधाएं सामने आती है जो निम्न प्रकार से हैं:-

व्यवहार - भय, अज्ञान कम उम्मीद आदि

वातावरण - यह परिणाम जीवन को शारीरिक रूप से प्रभावित करते हैं वातावरण में बाजार, प्रासशनिक भवन, परिवहन, पूजा स्थल आदि

संस्थागत -  कानूनी भेदभाव का अर्थ है, विकलांग व्यक्तियों को कुछ अधिकारों से बाहर रखा जाता है जैसे- शादी ना करने की अनुमति और स्कूल आदि.

4.अधिकार आधारित मॉडल Right based modal 

यह मॉडल सामाजिक मॉडल से संबंधित होता है। यह मानव अधिकारों पर दृष्टि डालता है। उदाहरण के लिए यह समान अधिकार और समान अवसर पर केंद्रित है।

विकलांग व्यक्तियों को शिक्षा में रोजगार कानून आदि में समानता का प्रावधान रखा गया है। यह मॉडल विकलांगता के अधिकारों को बताता है।

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इसे भी पढ़े:-

  1. विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग
  2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968
  3. बौद्ध कालीन शिक्षा की विशेषताएँ

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